बरेली सेंट्रल जेल टू में बंद रहे माफिया अशरफ से अवैध तरीके से मुलाकात कराने के आरोपी अजहर ने शुक्रवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया।
बरेली जेल में बंद रहे माफिया अशरफ के गुर्गे अजहर ने शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश पीसी प्रथम की अदालत में समर्पण कर दिया। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया। मामले की अगली सुनवाई 29 अक्तूबर को होगी।
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वर्ष 2023 में प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड की जांच में सामने आया था कि बरेली सेंट्रल जेल टू में बंद पूर्व विधायक व माफिया प्रयागराज निवासी अशरफ उर्फ खालिद अजीम ने अपने साले सद्दाम उर्फ अब्दुल समद के साथ मिलकर इसकी साजिश रची थी। उस दौरान शूटरों ने जेल में बंद अशरफ से अवैध तरीके से मुलाकात की थी।
बिथरी थाने में दर्ज हुआ था मुकदमा
सद्दाम और लल्ला गद्दी ने यहां जेल में अशरफ को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराईं और गुर्गों के जरिये अवैध मुलाकात कराने का इंतजाम किया था। मामला उजागर होने पर बिथरी चैनपुर थाने में अशरफ, सद्दाम, लल्ला गद्दी उर्फ मोहम्मद रजा, जेल वार्डर दयाराम उर्फ नन्हे व शिवहरि अवस्थी और जेल के अज्ञात कर्मचारियों व गिरोह के अज्ञात गुर्गों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
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सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। बाद में गैंगस्टर की कार्रवाई भी की गई थी। विवेचना के दौरान लल्ला गद्दी के करीबी जगतपुर नई बस्ती निवासी अजहर का नाम प्रकाश में आया था। तब से वह भूमिगत था। पुलिस का दबाव बढ़ने पर उसने सरेंडर कर दिया।