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आंसुओं ने सुनाई शहादत की दास्तां

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आंसुओं ने सुनाई शहादत की दास्तां - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। सूनी आंखों से छलके आंसू शहादत की दास्तां बन गए। रूंधे गलों से तो आवाज बाहर नहीं निकली लेकिन चेहरों पर उमड़ी शिकन कुछ ही पलों में भरी जवानी से लेकर अब तक की तमाम यादों को साझा कर गई। मौका था अमर उजाला के अभिनव अभियान ‘मां तुझे प्रणाम’ के तहत बुधवार को बरेली कॉलेज सभागार में आयोजित कार्यक्रम का जिसमें इन वीर नारियों का सम्मान किया गया। उनके परिवार वालों ने जब इस मौके पर देश की रक्षा के लिए सैनिकों की शहादत के किस्से सुनाए तो सभागार में बैठे सारे लोगों की आंखें नम हो गईं।
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देश के लिए सीमा पर शहीद होने वाले जवानों की शहादत को याद करने का सिलसिला शुरू हुआ तो माहौल भावुक हो गया। मंच पर पहुंची वीर नारियां सम्मान पाकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही थीं लेकिन परिवार के शहीदों की याद ने उनकी आंखों को नम कर दिया। कुछ वीर नारियों ने बोलने के लिए माइक संभाला लेकिन रुंधे गलों ने उनका साथ नहीं दिया। सभागार में बैठे लोगों ने तालियां बजाकर उनकी हौसला अफजाई की। इससे पहले मुख्य अतिथि एडीजी अविनाश चंद्र ने मां भारती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलित कर आयोजन का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का संचालन बरेली कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नीलम गुप्ता ने किया। मंच पर वीर नारियों के सहयोग में एनसीसी की कैडेट मनु श्री सहाय, ज्योति गंगवार, रितिका समीर और पूजा सामंत मौजूद रहीं। एडीजी के स्टाफ अफसर ओपी यादव, महिला जागृति मंच की ओर से डॉ. मनु नीरज समेत तमाम महिलाओं ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

इन्हें मिला सम्मान
एडीजी अविनाश चंद्र ने दूसरे विश्वयुद्ध में शामिल होने वाले टिसुआ के सिपाही केसरी की पत्नी रामदेई, आंवला में बाकरगंज निवासी सोहनलाल के बेटे हीरालाल, हजियापुर निवासी बल्देव नौबत की पोती पायल, ठिरिया निजावत खां निवासी नासिर अहमद की पत्नी मरियम, महेशपुर ठाकुरान निवासी रामसिंह की पत्नी रामसुमरिनी देवी, आंवला निवासी हरनाथ सिंह के नाती सतीश हिंद-चीन युद्ध में भाग लेने वाले सिपाही गुलाम हुसैन की पत्नी महनुमा बेगम, आतंकियों की बिछाई माइंस से शहीद होने वाले लाल फाटक निवासी सिपाही कप्तान सिंह की पत्नी सुहागी देवी, 2011 में बाइंस से शहीद हुए लाल फाटक निवासी सूबेदार राम सहाय मिश्र की पत्नी लीलावती, कारगिल युद्ध के बाद आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हवलदार बाबू शर्मा की पत्नी मीरा शर्मा, कश्मीर में आतंकी हमले में शहीद जाट सेंटर के जवान सुरेश कंडील की पत्नी शोभा, भारत-पाक युद्ध के दौरान शहीद होने वाले सिपाही किशन सिंह भंडारी की पत्नी बसंती देवी, फरीदपुर के गांव गोविंदपुर निवासी लांस नायक राजेंद्र पाल सिंह की पत्नी अवतार कली और गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित नायक ओमपाल सिंह को सम्मानित किया गया।
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एडीजी ने किया शहीदों को नमन
मुख्य अतिथि एडीजी अविनाश चंद्र ने अमर उजाला के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि देश को स्वतंत्र कराने और इस स्वतंत्रता को अक्षुण्ण रखने के लिए बड़े बलिदान दिए गए हैं। लाखों लोगों ने बड़ा संघर्ष किया है और अपने प्राणों की आहुति दी है। उन्होंने कहा तमाम शहीद ऐसे हैं, जिन्हें सब जानते हैं और कुछ ऐसे भी हैं जिनका कोई नाम नहीं जानता। मैं ऐसे सभी अमर शहीदों और उनके परिवार को नमन करता हूं।
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