प्रो. आलोक श्रीवास्तव को शिकायत करतीं छात्राएं
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नवल किशोर भारतीय म्युनिसिपल गर्ल्स कॉलेज चंदौसी से सोमवार को रुहेलखंड विश्वविद्यालय पहुंचीं एमए (गृहविज्ञान) के तृतीय सेमेस्टर की छात्राओं ने जानबूझकर फेल करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। कहा कि एक ही पेपर (रिसर्च मेथोडोलॉजी) में महाविद्यालय की 22 छात्राओं को फेल कर दिया गया है। उन्होंने मूल्यांकन में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए उत्तर पुस्तिकाओं की री-चेकिंग कराने की बात कही। विवि की ओर से जांच का आश्वासन छात्राओं को दिया गया है।
छात्राओं ने बताया कि महाविद्यालय प्रशासन ने उन्हें विवि जाने के लिए कहा था। सोमवार को सुबह 10 बजे विवि पहुंचने के बाद से उन्हें लगातार टरकाया जा रहा है। एक से दूसरे कार्यालय के कई चक्कर लगाने के बाद भी न तो समस्या का समाधान ही हुआ है, और न ही कोई आश्वासन ही मिला। उन्होंने सवाल उठाया कि बड़ी संख्या में छात्राएं एक ही विषय में कैसे फेल हो सकती हैं? अब न तो महाविद्यालय उनकी सुन रहा है, और न ही विवि में ही सुनवाई हो रही है।उत्तर पुस्तिकाएं दिखाने या पुनर्मूल्यांकन के सवाल पर सब कन्नी काट जा रहे हैं।
हंगामे के बाद प्रभारी परीक्षा नियंत्रक प्रो. आलोक श्रीवास्तव व सुरक्षा प्रभारी सुधांशु शर्मा छात्राओं के पास पहुंचे। बताया कि परीक्षा नियंत्रक अभी यहां नहीं हैं। उन्होंने प्रार्थनापत्र लेकर मामले की जांच कराकर उचित निस्तारण का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्राएं घर गईं।
रोज आ रहीं शिकायतें
विवि में रोज ही परीक्षा परिणाम को लेकर विद्यार्थी शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। विवि प्रशासन पर बदायूं के नेहरू मेमोरियल शिवनारायण दास स्नातकोत्तर महाविद्यालय की दो छात्राओं ने परीक्षा परिणाम जारी न करने का आरोप लगाया है। एमए (गृहविज्ञान) प्रथम सेमेस्टर की छात्रा कामना व महिमा सक्सेना ने बताया कि उनके महाविद्यालय के साथ ही अन्य महाविद्यालयों की छात्राओं का परिणाम जारी किया जा चुका है। उनका परिणाम विवि की वेबसाइट पर नहीं दिख रहा।