उन्होंने आशंका जताई है कि प्रदेश में तब तक लंपी स्किन डिजीज के मामले नहीं थमेंगे, जब तक पशुओं का परिवहन, आपसी संपर्क और संक्रमित क्षेत्र के पशुओं को अन्य इलाकों में पहुंचने से नहीं रोका जाएगा। उन्होंने संदिग्ध लक्षण वाले पशुओं को तत्काल आइसोलेट करने और उनके सैंपल की जांच कराने के लिए कहा है ताकि जांच रिपोर्ट आने तक संबंधित पशु अन्य गाय और भैंसों के संपर्क में न आ सकें।
हापुड़, गाजियाबाद के सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव
लंपी वायरस के संदिग्ध लक्षण मिलने पर तीन दिन पहले हापुड़ और गाजियाबाद से भी बड़ी तादाद में सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। हालांकि, इनमें कोई पॉजिटिव नहीं मिला है। शनिवार को गौतमबुद्ध नगर, संभल, बदायूं से भी सैंपल प्राप्त हुए। इन सैंपल की जांच अभी नहीं की जा सकी है। कैडराड केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. गौरव शर्मा ने बताया कि अब तक उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 118 सैंपल की जांच हो चुकी है। इनमें 21 पॉजिटिव पाए गए हैं। पशुओं को इस जानलेवा रोग से बचाने के लिए पशु चिकित्साधिकारियों को कड़ाई से नियमों का पालन कराने का सुझाव दिया जा रहा है।
जिलेवार सैंपल और संक्रमित
जिला, सैंपल, संक्रमित
एटा, सात, एक
बरेली, 22, पांच
बिजनौर, 15, एक
मुजफ्फरनगर, चार, चार
सहारनपुर, सात, सात
मेरठ, तीन, तीन