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लखनऊ बजेगी घंटी, दस मिनट में पहुंचेगी पुलिस

Sun, 20 Nov 2016 12:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
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Lucknow will cause the bell, the police will arrive in ten minutes - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपनी महत्वाकांक्षी योजना यूपी 100 सेवा का उद्घाटन करने बरेली नहीं आ पाए। उनके प्रतिनिधि के तौर पर जेल मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया ने हरी झंडी दिखाकर गाड़ियों को रवाना किया। उन्होंने बताया कि कहीं से कोई भी घटना होने पर कोई फोन करता है तो कॉल लखनऊ में रिसीव होगी। वहां बनाए गए कंट्रोल रूम का मैसेज मिलते ही दस मिनट में पुलिस मौक पर पहुंचेगी। 
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 पुलिस लाइंस में आयोजित समारोह में आईजी विजय सिंह मीना ने कहा कि प्रदेश में आम लोगों को आकस्मिक सुरक्षा सेवाएं मुहैया कराने के लिए सीएम ने यूपी 100 सेवा चलाने का फैसला लिया है। समस्त तकनीकी उपकरणों से लैस ये गाड़ियां पुलिस रिस्पांस व्हीकल(पीवीआर) कहलाएंगी। इसे चलाने वाले को पायलट कहा जाएगा। इन पर एक एससीपी को तैनात किया गया है। वह पीवीआर कमांडर कहलाएंगे। उनके साथ दो सिपाही भी रहेंगे। उन्हें सब पीवीआर कमांडर कहा जाएगा। 
 
इस तरह काम करेगी पुलिस
गाड़ियों में मोबाइल डाटा टर्मिनल(एमडीटी) लगा होगा। यह एक छोटा सा टेबलेट है। जिसमें इंटरनेट की सुविधा होगा। घटना की सूचना देने वाले का तुरंत विवरण मिल जाएगा। इसके बाद लखनऊ स्थित कंट्रोल रूम से गाड़ियों पर तैनात कमांडरों को सूचना दी जाएगी। उस गाड़ी को सूचना दी जाएगी जो घटना स्थल के सबसे करीब होगी। गाड़ियों में भी ट्रैकिंग सिस्टम लगा हुआ है। उसी से यह पता लगता रहेगा कि कौन से गाड़ी घटनास्थल के करीब है। गाड़ियों में हाईटेक कैमरे और लाइटें भी लगी हैं। मौके पर पहुंचते ही घटना स्थल की वीडियो बननी शुरू हो जाएगी। दंगे पर नियंत्रण के सभी उपकरण गाड़ी में होंगे। 
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कार्रवाई करने का तरीका
घटना का मैसेज मिलने के बाद शहर में यूपी 100 की गाड़ियां 10-15 मिनट में मौके पर पहुंचेंगी। ग्रामीण क्षेत्र में 15 से 20 मिनट में गाड़ी के मौके पर पहुंचने का दावा किया जा रहा है। मौके पर पहुंचने के बाद गाड़ियों पर तैनात पुलिस कर्मी लोगों को समझाकर मसला निपटाने की कोशिश करेंगे। बात नहीं बनने पर गाड़ियों का स्टाफ मामले को पूरा प्रकरण थाने के हवाले कर आएगा। हालांकि गाड़ी के कमांडर को यह बताना होगा कि कार्रवाई क्या हुई है। बताने के तरीके तीन है। वीडियो क्लिपिंग, मैसेज और फोन करके कार्रवाई की जानकारी लखनऊ कंट्रोल रूम को दी जा सकती है। मैसेज हिंदी और अंग्रेजी दोनों की भाषाओं में लिखकर भेजा जा सकता है। 

पैट्रो कार्ड से मिलेगा तेल
पीवीआर कमांडर दयानंद शर्मा, उस्मान अली, रमेश चंद्र दुबे, मंगल सिंह, बलराज सिंह और संजय कुमार सिंह को इंडियन ऑयल और एचपी के पैट्रो कार्ड दिए गए हैं। उन्हीं से तेल भरवाने के बाद गाड़ियां चलेंगी। 

24 घंटे में 150 किमी चलेंगी गाड़ियां
बरेली जिले में कुल 84 गाड़ियां शाम छह बजे रवाना कर दी गईं। इनमें 16 इनोवा और 68 बोलेरो हैं। 34 गाड़ियां शहरी क्षेत्र में और 45 ग्रामीण क्षेत्र में चलेंगी। ये गाड़ियां 24 घंटे में 150 किलोमीटर चलनी हैं। इसलिए दिन भर मूवमेंट में रहेंगी। रात में गश्त भी इन्हीं गाड़ियों को करनी होगी। हाइवे की गाड़ियों की जिम्मेदारियां ओरों से ज्यादा है। जिस इलाके में गाड़ी चलेगी, ज्यादातर वहां तैनात स्टाफ को ही उन पर तैनात किया गया है। 

100 नंबर लखनऊ शिफ्ट
शनिवार को रात आठ बजे के बाद 100 नंबर लखनऊ स्थित यूपी 100 के कंट्रोल रूम में शिफ्ट हो जाएगा। बरेली के किसी भी कोने से कोई फोन करेगा तो वहीं उठेगा और समस्या का समाधान करने के लिए पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचेगी। 

ऑन लाइन मिलेंगी छुट्टी
पीवीआर के स्टाफ को ऑन लाइन छुट्टी मिलेंगी। पुलिस लाइंस में यूपी 100  सेवा को ऑफिस खोला गया है। यहां इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह को इंचार्ज बनाया गया है। तीन दिन की छुट्टी उनके स्तर से हो सकती है। इससे ज्यादा छुट्टी आला अधिकारी करेंगे।   
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