लॉकडाउन में काम शुरू कराने के लिए एनएचएआई को मिलेगा सहयोग
बरेली। दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर बरेली-सीतापुर के बीच टूटते-दरकते फोरलेन का निर्माण शुरू करने में लगे वाहनों और स्टाफ को लॉकडाउन के दौरान आने-जाने में कोई परेशानी न हो, इसलिए जिला प्रशासन पास का इंतजाम कराएगा। डीएम ने इसकी जिम्मेदारी एडीएम (प्रशासन) वीके सेन को सौंप दी है। एनएचएआई के अफसरों पर भी बारिश से पहले इस प्रोजेक्ट को तेजी से शुरू कराने का दबाव है।
बरेली से सीतापुर के बीच करीब 157 किलोमीटर हिस्से में फोरलेन को अक्तूबर-2019 में मंजूरी मिल चुकी है, लेेकिन पहले सर्दी और अब लॉकडाउन की वजह से काम शुरू नहीं हो पा रहा है, हालांकि एनएचएआई के अफसर अब लेबर का इंतजाम कर काम जल्द शुरू कराने की कोशिश में जुटे हैं। उनका कहना है कि अप्रैल-जून हॉटमिक्स के काम के लिए उपयुक्त समय है। करीब चार साल पहले इरा इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के काम अधूरा छोड़कर भाग जाने के बाद से बरेली-सीतापुर हाईवे का निर्माण ठप है। इससे इस महत्वपूर्ण हाईवे के लगातार टूटने और दरकने से खतरनाक गड्ढे हो गए हैं। एनएचएआई ने नवंबर में आगरा की एक कंपनी को करीब सात अरब का ठेका दिया था, लेकिन काम नहीं शुरू हो सका है। एनएचएआई अफसरों पर 15 जून से शुरू होने वाले मानसून सीजन से पहले इस प्रोजेक्ट का काम तेजी से पूरा कराने का दबाव है। जनहित में ये प्रोजेक्ट जल्द शुरू हो सके, इसके लिए प्रशासन ने इसके निर्माण में लगे वाहनों, एनएचएआई स्टाफ और श्रमिकों को पास देने का फैसला किया है। एडीएम (प्रशासन) वीके सिंह को इसका जिम्मा दिया गया है।
हाईवे का काम जल्द शुरू करना है। इस प्रोजेक्ट में लगे वाहनों और स्टाफ को कोई दिक्कत न हो, इसलिए प्रशासन की ओर से इन्हें पास जारी किए जाएंगे। - नितीश कुमार, जिलाधिकारी