जहां एक ओर घरेलू एलपीजी ग्राहक सब्सिडी पाने के लिए दौड़धूप कर रहें, वहीं एक वर्ग रसोई गैस पर मिलने वाला अनुदान नहीं लेना चाहता हैं। इन लोगों ने एजेंसियों पर बैंक खाता और आधार कार्ड ब्योरा जमा नहीं कराया है। इनका कहना है कि वे गरीबों को मिलने वाली सुविधा पर बोझ नहीं बनना चाहते हैं। इस मामले में व्यापारी संगठन भी आगे आ रहे हैं।
पिछले दिनों पेट्रोलियम मंत्रालय ने रसोई गैस पर सब्सिडी न लेने के लिए संदेश प्रसारित करने शुरू किए थे। इसका प्रभाव लोगों पर पड़ना शुरू हो गया है। उद्यमी रजत शर्मा ने कहा है कि जो लोग सक्षम हैं उन्हें गैस पर सब्सिडी नहीं लेना चाहिए। इससे देश का आर्थिक विकास प्रभावित होता था। उन्होंनेे उद्यमियों से कहा है कि वे गैस पर मिलने वाली सब्सिडी छोड़कर राष्ट्रीय अभियान में सहयोग करें।
उद्योग व्यापार मंडल शहर अध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता ने सहयोगी पदाधिकारी संजीव चांदना, दुर्गेश कुमार, नवीन अग्रवाल आदि से आपात बैठक कर फैसला लिया कि गरीबों को मिलने वाली आर्थिक मदद में कारोबारी और सक्षम नागरिक दूर रहे। बताया कि संगठन ने पांच हजार से ज्यादा गैस उपभोक्ता सब्सिडी छोड़ने के लिए तैयार कर लिए हैं। संगठन इसके लिए अभियान चला रहा है। उधर, गैस पर सब्सिडी पाने वालों के लिए चार दिन बचे हैं, उपभोक्ताओं को बैंक खाता नंबर आदि ब्योरा एजेंसी पर 31 मार्च तक जमा करना है।