चिकित्सकीय सलाह और उपचार
जिला महिला अस्पताल की वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ फरहाना ने बताया कि बार-बार गर्भपात होने पर महिला को घबराने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मामलों में समय पर जांच और उचित इलाज महत्वपूर्ण है। आयरन कैल्शियम की दवा के साथ खून को पतला करने वाली दवाएं भी दी जाती हैं। दरअसल, खून गाढ़ा होने से गर्भधारण के दौरान थक्का बनने से गर्भपात की अधिक आशंका होती है।
फरहाना के अनुसार, अच्छू ने समय पर उनसे संपर्क किया। उनकी खून की जरूरी जांचें कराई गईं और आवश्यक इलाज दिया गया। इसी उपचार के कारण अच्छू एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दे पाईं। उन्होंने यह भी बताया कि देर से शादी होने पर भी ऐसे मामले सामने आते हैं। यह मामला समय पर सही चिकित्सकीय हस्तक्षेप के महत्व को दर्शाता है।