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Bareilly News: ख्वाबों की लूट... कमाई गंवाकर निवेशक कंगाल, मौज काट रहे नटवरलाल

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बरेली। महंगाई और बेरोजगारी के बीच रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए जूझ रहे आम लोगों को फाइनेंस कंपनियां अरबों रुपये का चूना लगा चुकी हैं। निवेशक अपनी गाढ़ी कमाई पाने के लिए चप्पलें घिस रहे हैं, वहीं इनके सपनों को लूटने वाले नटवरलाल मौज काट रहे हैं। कुछ मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा गया। उनका गैंग पंजीकृत किया गया, लेकिन निवेशकों को डूबी रकम नहीं मिल सकी है। पेश है एक रिपोर्ट...।
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अमर ज्योति : बदायूं से बरेली तक करोड़ों का घपला
अमर ज्योति यूनिवर्स निधि निमिटेड के निदेशक शशिकांत मौर्य व उसके भाई पूर्व भाजपा नेता सूर्यकांत मौर्य ने बदायूं और बरेली जिलों में 15-20 हजार निवेशकों को चूना लगाया। ठगी की रकम आठ सौ करोड़ से ज्यादा बताई जा रही है। सूर्यकांत ने तय योजना के तहत पांच साल पहले कंपनी छोड़ दी थी। कंपनी का दफ्तर बंद होने के बाद पहले उसने सफाई दी, लेकिन मुकदमा दर्ज होने के बाद भाग गया। अब वह अपने स्वामित्व वाली अमर ज्योति रुहेलखंड निधि लिमिटेड के निवेशकों को सोशल मीडिया व गुर्गों के जरिये संदेश भिजवा रहा है कि सब ठीक है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सूर्यकांत पाक-साफ है तो भागा क्यों? राजनीतिक संरक्षण की वजह से शुरू में पुलिस का भी रवैया नरम रहा। अब एसआईटी इनकी तलाश में है। वहीं, निवेशक अपनी रकम पाने के लिए जूझ रहे हैं।
आईसीएल ग्रुप : गोला बंधुओं ने पूरे मंडल में निवेशकों को ठगा

इमेज करियर लिमिटेड ग्रुप ने रकम दोगुनी करने और भूखंड देने का झांसा देकर बरेली वासियों से करोड़ों रुपये का निवेश कराया। इसके बाद कंपनी के डायरेक्टर रूपकिशोर गोला और उसके छोटे भाई अवधेश गोला ने रकम लौटाने से मना कर दिया। रूपकिशोर गोला व उसके साथी जितेंद्र को निवेशकों ने पीटकर प्रेमनगर पुलिस के हवाले कर दिया। रूपकिशोर का एक साथी दिनेश भी गिरफ्तार हो चुका है, जबकि अवधेश गोला पुलिस की पकड़ से दूर है। दोनों भाइयों को भी राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ था। निवेशकों को उनकी रकम कैसे मिलेगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
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गंगा इन्फ्रासिटी : तीन सौ करोड़ हड़पे
गंगा इन्फ्रासिटी कंपनी ने रकम दोगुनी करने भूखंड देने का झांसा देकर लोगों से तीन सौ करोड़ रुपये झटक लिए। कंपनी का एमडी राजेश मौर्य गिरफ्तार होकर जेल गया था। उसने शहर के डॉक्टर, इंजीनियर, व्यापारियों और अधिकारियों को भी चूना लगाया है। निवेशकों को उनकी रकम वापस नहीं मिली। फिलहाल गैर जमानती वारंट होने पर राजेश को दोबारा जेल भेजा गया है।

केपीएस कंपनी : कछुआ चाल से चली कार्रवाई, ठगों ने काटी मलाई
केपीएस फाइनेंस सर्विस निधि कंपनी ने भी पांच साल में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की। निवेशकों ने बारादरी थाने में कंपनी के निदेशक संजीव मौर्य और उसके गुर्गों पर मुकदमे दर्ज कराए। पुलिस कछुआ चाल से कार्रवाई करती रही, लेकिन निवेशकों को रकम नहीं मिल सकी। वे आज भी भटक रहे हैं।
जेकेवी कंपनी : प्रयागराज के ज्ञानेश ने बरेली वालों को ठगा

जेकेवी कंपनी ने कम समय में रकम दोगुनी करने का झांसा दिया और ग्रामीण इलाकों में जाकर लोगों से करोड़ों निवेश कराए। जब सौ करोड़ रुपये जमा हो गए तो कंपनी के लोग किला थाना क्षेत्र स्थित दफ्तर बंद कर भाग गए। प्रयागराज निवासी ज्ञानेश पाठक इसका मास्टरमाइंड था। ज्ञानेश को पिछले साल एसटीएफ ने नागपुर से गिरफ्तार किया था। ज्ञानेश ने कई राज्यों में सौ से अधिक दफ्तर खोले और ठगी की थी। ज्ञानेश की गिरफ्तारी के बाद निवेशकों को उनकी रकम नहीं मिल सकी। ब्यूरो


बरेली में पिछले वर्षों में जनता से धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों पर प्रभावी कार्रवाई की गई है। कंपनी के निदेशकों व जिम्मेदारों पर मुकदमे दर्ज कर चार्जशीट लगाई गई है। उन पर गैंगस्टर लगाने के बाद अवैध रूप से अर्जित संपत्ति जब्त की जा रही है। - मानुष पारीक, एसपी सिटी
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