जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती एक मरीज की मौत के बाद अन्य मरीज इतने दहशत में आ गए कि वह इलाज बीच में ही छोड़कर चले गए। शनिवार को पूरा वार्ड सुनसान पड़ा था। वार्ड में ताला लटका रहा। स्टॉफ भी बिना काम के दिन भर हाजिरी बजाते रहे।
लंगुरा के नवी अहमद ने 21 अप्रैल को पत्नी से विवाद के बाद आत्मदाह की कोशिश की थी। अहमद को पीएचसी कुंआटांडा में भर्ती कराया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वार्ड में नवी अहमद के अलावा रत्ना चुन्नीलाल बाजीपुर की गुलचमन, सीबीगंज की मुन्नी, सेवाराम, सिरौली मुगलपुर के सूरजपाल और बाबर कालोनी की कलावती भर्ती थीं। ये सभी अपनी छुट्टी कराकर जा चुके हैं। मरीज सूरजपाल की पत्नी किरन ने शनिवार को शाम साढ़े चार बजे छुट्टी कराई। उन्होंने बताया कि एक मरीज के दम तोड़ने के बाद सभी छुट्टी करा रहे थे तो उसने भी करा ली। अब इलाज किसी और अस्पताल में कराएंगे। सभी मरीज बिना डॉक्टरी एडवाइज के मरीजों को ले गए हैं।
सीएमएस छुट्टी पर, डॉक्टराें को परवाह नहीं
सीएमएस डॉ. परवीन जहां दो दिन की छुट्टी पर हैं। अस्पताल में प्रभारी सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता भी छुट्टी पर चल रहे हैं। अस्पताल की व्यवस्था को गंभीरता से देखने वाला कोई नहीं है। राउंड तक नहीं हो रहे हैं। बर्न वार्ड में जाकर स्थिति जानने की जहमत नहीं उठाई गई। प्रभारी सीएमएस डॉ. एसके सागर और डॉ. करमेंद्र एक दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर बचते रहे।