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हस्सान को इलाज के लिए लखनऊ ले गई पुलिस, डॉक्टरों ने लौटाया

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बरेली। राजेंद्रनगर में बिरयानी की दुकान पर अतिक्रमण हटाने के दौरान हुए बवाल के मामले में चार आरोपी जेल जा चुके हैं। पांचवें आरोपी आला हजरत परिवार के रिश्तेदार हस्सान रजा को डॉक्टरों ने लखनऊ रेफर कर दिया था। पुलिस उसे शनिवार को लखनऊ ले गई लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती नहीं किया। इसके बाद उसे बरेली लाया जा रहा है। पुलिस हस्सान को रविवार को कोर्ट में पेश करेगी।
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राजेंद्रनगर में बृहस्पतिवार को नगर निगम की टीम ने रामजानकी मंदिर के पास अलनवाज बिरयानी की दुकान के बाहर अतिक्रमण हटाया था। इसे लेकर दुकान मालिक हस्सान की टीम से नोकझोंक हो गई थी। इसके बाद हस्सान पक्ष के लोगों ने इकट्ठे होकर भाजपा नेता अंकित भाटिया, कमल राणा आदि पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया था। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोग भी इकट्ठा हो गए। मारपीट में हस्सान और उसके दो साथी भी घायल हो गए थे। घायलों को पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
इस मामले में पुलिस ने भाजपा नेता की तरफ से मोहम्मद इनाम, नवाब अली, मुजीब, रहीस और हस्सान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। हस्सान को छोड़कर शेष चारों आरोपियों को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया। इंस्पेक्टर प्रेमनगर अरविंद कुुमार ने बताया कि मारपीट में हस्सान के भी चोट आई थी। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ दिनों पहले उसका पथरी का भी ऑपरेशन हुआ था। हस्सान ने जिला अस्पताल के डॉक्टरों को बताया कि ऑपरेशन वाली जगह भी उसे चोट आई है। इन्फेक्शन की भी आशंका जताई गई। डॉक्टरों ने उसे लखनऊ केजीएमयू रेफर कर दिया। पुलिस सुरक्षा में हस्सान को शनिवार को लखनऊ भेजा गया। वहां डॉक्टरों ने उसे देखा लेकिन भर्ती करने से मना कर दिया। इसके बाद हस्सान को बरेली लाया जा रहा है। इंस्पेक्टर का कहना है कि हस्सान को रविवार को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा।
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हस्सान की दुकान की ली तलाशी
बृहस्पतिवार को हस्सान की बिरयानी की दुकान के बाहर अतिक्रमण तोड़ने के बाद ही बवाल हुआ था। आरोप है कि हमलावरों ने हाथ में धारदार हथियार लेकर दूसरे पक्ष पर हमला किया था, बाद में दुकान में छिप गए थे। घटना वाले दिन पुलिस ने शटर काटकर देखा था लेकिन वहां कोई हमलावर नहीं मिला। शनिवार को इंस्पेक्टर प्रेमनगर अरविंद कुमार ने हस्सान के परिजन को बुलाया और दुकान खुलवाकर तलाशी ली। दरअसल, पुलिस वहां धारदार हथियार तलाश रही थी लेकिन कुछ नहीं मिला।
राजेंद्रनगर में हालात सामान्य, खुली दुकानें, पुलिस फोर्स तैनात
राजेंद्रनगर में धीरे-धीरे हालात सामान्य होने लगे हैं। घटना के तीसरे दिन शनिवार को दुकानें खुलीं। हालांकि पुलिस बल तैनात रहा। हमलावरों की दुकानें बंद रहीं। बृहस्पतिवार को हंगामे के बाद यहां दो समुदाय आमने-सामने आ गए थे। दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। इसमें दोनों ही पक्षों के लोग घायल हुए थे। कई घंटे चले हंगामे के कारण दहशतजदा लोगों ने अपनी-अपनी दुकानें बंद कर दीं। शुक्रवार को दूसरे दिन भी बाजार नहीं खुला। शनिवार को तीसरे दिन दुकानें खुलीं हालांकि दूसरे पक्ष के लोगों ने दुकानें नहीं खोली। यहां पुलिस के अलावा आरएएफ तैनात रही।
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