बरेली। कोरोना लोगों को कितना भी कष्ट दे रहा हो लेकिन लॉकडाउन कमाल की चीज साबित हुआ। प्रदूषण घटाने के साथ मौसम ने तापमान पर भी लगाम लगा दी है। मौसम विभाग का रिकॉर्ड बता रहा है कि मई की 10 तारीख तक तापमान 35 डिग्री सेल्सियस का आंकड़ा पार नहीं कर पाया है। 40 सालों में पहली बार ऐसा हुआ है। मौसम विज्ञानियों का यह भी अनुमान है कि अगर कुछ समय तक लॉकडाउन और बढ़ा तो इस बार पूरी गर्मी भर तापमान 40 के पार जाने की संभावना न के बराबर है।
आंचलिक मौसम अनुसंधान केंद्र के डायरेक्टर डॉ. जेपी गुप्ता के मुताबिक काफी सालों बाद इस बार मौसम में ऐसा बदलाव दिख रहा है जो काफी सुखद होने के साथ चौंकाने वाला भी है। उन्होंने बताया कि अरब सागर में चल रही हलचल का असर लगातार पश्चिमी विक्षोभ पर हो रहा है। मार्च से अब तक पांच बार मजबूत विक्षोभ बने हैं। इसी वजह से बार-बार बारिश हो रही है और हवाओं में नमी घुलने से मई में भी हल्की ठंड का एहसास हो रहा है। डॉ. गुप्ता के मुताबिक मौसम विभाग का पिछले 40 सालों का रिकॉर्ड बताता है कि मई की शुरुआत से ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार निकलकर 44 डिग्री तक पहुंचता रहा है लेकिन इस बार अब तक 35 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर नहीं बढ़ पाया है। इसी तरह मई में औसत बारिश का रिकॉर्ड भी पिछले सालों में सिर्फ 20 से 30 मिलीमीटर के बीच रहता था लेकिन इस बार दस दिन में ही 55 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हो चुकी है। डॉ. गुप्ता ने बताया कि मौसम के इस बदलाव की वजह लॉकडाउन में पर्यावरण में हुए भारी सुधार के अलावा और कुछ नहीं है। मौसम का यह बदलाव लोगों की सेहत के लिए भी अच्छा साबित होगा।
39.1 डिग्री सेल्सियस था 1981 और 2010 के बीच सबसे कम तापमान
लॉकडाउन के बीच मौसम में कितना बड़ा बदलाव आया है, यह इस आंकड़े से भी समझा जा सकता है कि वर्ष 1981 से 2010 के बीच मई का न्यूनतम तापमान मौसम विभाग की वेबसाइट आईएमडी पर 39.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज है जबकि मई 2020 में पिछले दस दिनों का अधिकतम तापमान 36 पर भी नहीं पहुंच सका है। विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों भी तापमान 40 के पार जाने की संभावना बहुत कम है। शनिवार को अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री और न्यूनतम 23.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
गर्मी पर अभी कसी रहेगी बादलों की लगाम
बरेली कॉलेज में बॉटनी विभाग के एमिरेट प्रोफेसर डॉ. डीके सक्सेना के मुताबिक हानिकारक गैसें वायुमंडल से कम हो जाने की वजह से आसमान पूरी तरह साफ हो गया है। धुंध के घने कणों का जाल भी खत्म हो चुका है। प्रदूषण का स्तर तय मानक से भी 20 एक्यूआई कम दर्ज हो रहा है। इस वजह से शहर में निम्न वायुदाब क्षेत्र जल्दी बनने और पर्वतों के नजदीकी इलाका होने की वजह से बादल भी लगातार घिरते रहेंगे। लिहाजा यह आसार कम ही है कि तापमान इस बार 40 तक भी पहुंच पाए।
43.5 डिग्री था पिछले साल मई का अधिकतम तापमान
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक साल 2019 में मई में अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री, 2018 में 44 डिग्री, 2017 में 42.9 डिग्री, 2016 में 42.5 डिग्री, 2015 में 44.5 डिग्री, 2014 में 42.6 डिग्री, 2013 में 42.6 डिग्री, 2012 में 43.7 डिग्री, 2011 में 41.4 डिग्री, 2010 में 43.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ था।