बरेली। माध्यमिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के वेतन बिल बनाने वाला जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय का बाबू अपने तबादले इतना ज्यादा नाराज हुआ कि उसने कंप्यूटर साफ्टवेयर में गलत पासवर्ड डालकर सारे शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की सैलरी लॉक कर दी। इससे पूरे महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। बाबू को उसकी करतूत पर सस्पेंड कर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। उधर, माध्यमिक शिक्षक ने 28 सितंबर तक सैलरी न मिलने पर आंदोलन करने की धमकी दे दी है।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय का बाबू विवेक व्यक्तिगत लैपटॉप पर जिले के विद्यालय के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की सेलरी की डिटेल भेजता था। पिछले महीने विवेक को प्रमोशन देकर उसका तबादला तिलहर कर दिया गया। डीआईओएस गजेंद्र कुमार ने बताया कि विवेक की काफी कोशिश के बावजूद उसका तबादला नहीं रुका तो उसने अपने लैपटॉप में मौजूद साफ्टवेयर में तीन बार गलत पासवर्ड डालकर उसे लॉक कर दिया। इस वजह से सबकी सैलरी रुक गई। बुधवार को प्रधानाचार्य परिषद के सुरेश रस्तोगी और संदीप इंदवार विवेक को घर से बुलाकर लाए और लॉक खोलने के लिए कहा। लॉक खोलने का काफी प्रयास भी किया गया, लेकिन तब तक दूसरे कर्मचारी के नाम से पासवर्ड एलॉट कराया जा चुका था, लिहाजा कुछ नहीं हो पाया। अगले दिन बृहस्पतिवार को डीआईओएस की संस्तुति पर जेडी ने कर्मचारी का निलंबन आदेश जारी कर दिया। उन्होंने डीआईओएस से कर्मचारी पर एफआईआर कराने का भी आदेश दिया।
उधर, प्रधानाचार्य परिषद का कहना है कि विभागीय मामला क्या है, इससे उन्हें कोई मतलब नहीं। किसी भी तरह शिक्षकों की सैलरी निकलनी चाहिए। माध्यमिक शिक्षक संघ का कहना है कि जनपद के शिक्षक बहुत परेशान हैं। उन्होंने आपात बैठक कर डीआईओएस को चेतावनी देते हुए हर हाल में 28 सितंबर तक वेतन जारी किया जाए, नहीं तो आंदोलन करेंगे।