बरेली में परसाखेड़ा में नमकीन फैक्टरी से एक्सपायर तेल मिलने के मामले में जांच जारी है। सोमवार को खाद्य विभाग की टीम ने श्यामगंज पहुंची। यहां स्थित डिस्ट्रीब्यूटर का कार्यालय बंद मिला। आशंका है कि कार्रवाई के डर से उसने कार्यालय बंद कर दिया है।
बरेली के परसाखेड़ा में दो दिन पहले नमकीन फैक्टरी से एक्सपायर तेल मिलने के मामले की जांच चल रही है। खाद्य विभाग की टीम सोमवार को जब श्यामगंज स्थित डिस्ट्रीब्यूटर के कार्यालय पर पहुंची तो वहां ताला लगा मिला। आशंका है कि कार्रवाई के डर से उसने कार्यालय बंद कर रखा है। एक्सपायर तेल के बड़े पैमाने पर भंडारण की आशंका में खाद्य विभाग उसके गोदाम की तलाश भी कर रहा है।
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खाद्य विभाग की टीम ने शनिवार की शाम परसाखेड़ा स्थित दो नमकीन फैक्टरियों पर छापा मारा था। आलम फूड प्रोडक्ट्स (जीएस ब्रांड नमकीन) में रखे रिफाइंड पामोलिन तेल की जांच की गई। मौके पर 89 टिन में रखे 1,335 किलो पामोलिन तेल की एक्सपायरी मई 2026 पाई गई। इस पर पूरे स्टॉक को सीज कर दिया गया। मिलावट की आशंका में नमकीन का भी एक नमूना जांच के लिए भेजा गया है। कारोबारी ने सीसीटीवी में दो घंटे पहले आपूर्ति का वीडियो दिखाया था। उसने खरीद का बिल भी प्रस्तुत किया।
बंद मिला कार्यालय
खाद्य विभाग की टीम निरीक्षक सुशील सचान के नेतृत्व में सोमवार को जांच करने के लिए श्यामगंज के मिर्ची वाली गली में डिस्ट्रीब्यूटर के कार्यालय पहुंची तो वहां शटर बंद मिला। खाद्य विभाग की टीम ने रविवार को श्यामगंज में जय ट्रेडिंग कंपनी के मूल पते पर गई थी। वहां पता चला कि घर व कार्यालय बेच दिया गया है। अब खाद्य विभाग की टीम यह भी जांच करेगी कि तेल के टिन पर बैच नंबर था या नहीं। कोर्ट के समक्ष एक्सपायर तेल के मामले को प्रस्तुत करने के लिए अभिलेख तैयार किया जा रहा है।
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सहायक आयुक्त खाद्य राहुल कुमार सिंह ने बताया कि टीम जांच के लिए जय ट्रेडिंग कंपनी के श्यामगंज कार्यालय पर गई थी। वह बंद मिला। अब उसके गोदाम की तलाश की जाएगी। इसके द्वारा ही एक्सपायर तेल की आपूर्ति की गई थी।