बरेली। राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त करने और कैश क्रेडिट लिमिट प्रदान करने के लिए बुधवार को विकास भवन सभागार में आयोजित संचेतना प्रशिक्षण कार्यक्रम हंगामेदार रहा। खंड विकास अधिकारियों और एडीओ ने बैठक में मौजूद बैंकों के शाखा प्रबंधकों पर स्वयं सहायता समूहों को लोन देने में आनाकानी के आरोप लगाए। बीडीओ बहेड़ी अतर सिंह ने पंजाब एंड सिंध बैंक के प्रबंधक पर एक एनजीओ को लोन न देने का मामला उठाया तो दोनोें में नोकझोंक हो गई। एडीओ नरेंद्र पाल सिंह ने कहा कि बैंक ऑफ बड़ौदा कांधरपुर में समूहों की महिलाओं से सीधे मुंह बात नहीं की जाती। उनके काम भी नहीं होते। इस पर शाखा प्रबंधक ने कड़े शब्दों में कहा कि निर्धारित समय में महिलाओं को बैंक में भेजा जाए। दमखोदा बीडीओ ने एसबीआई रिछा के दो समूहों की महिलाओं से बैंक में अभद्रता होने का मामला उठाया। इसी तरह एडीओ मझगवां ओमकार सिंह ने पीएनबी गैनी और अलीगंज में खाता खोलने और लोन वितरण में असहयोग की शिकायत की।
सीडीओ शिवसहाय अवस्थी ने बैंक शाखा प्रबंधकों से समूहों के लिए सहयोग करने को कहा। डीआरडीए के पीडी साहित्यप्रकाश मिश्र ने कहा कि प्रत्येक माह के तीसरे बुधवार को ब्लाक पर बैंकों के शाखा प्रबंधक शासकीय योजनाओं पर चर्चा करें। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक आलोक कुमार गुप्ता, बैंक ऑफ बड़ौदा के उप क्षेत्रीय प्रबंधक एके सिनहा, लीड बैंक मैनेजर मधुर मोहन श्रीवास्तव, ग्रामीण बैंक के उप क्षेत्रीय प्रबंधक एसके सिन्हा और सहायक संख्याधिकारी सलमान जमीर आदि मौजूद रहे।