बरेली। सरकार ने इस बजट में छुट्टा पशुओं से फसलों को बचाने के लिए भी बजट का प्रावधान किया है। योजना धरातल पर उतरे तो किसानों को असली राहत मिलेगी। इससे जहां उनकी जान सुरक्षित होगी, वहीं फसलों की रखवाली से मुक्ति मिलेगी। इससे किसान समृद्ध होंगे। गांवों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुधारने के लिए सरकार ने 22 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट निर्धारित किया है। देहात क्षेत्र में बिजली कटौती आम बात है। सुधार के लिए पहले से भी कई काम चल रहे हैं। मौजूदा बजट में सरकार ने इस पर ज्यादा जोर दिया है।
बजट में सरकार ने फसलों की सिंचाई का भी ध्यान रखा है। डार्क जोन में नलकूपों के लिए बोरिंग पर लगी पाबंदी को हटा दिया गया है। मंडल में 60 नलकूपों की मोटर बदली जानी है और 91 नलकूपों की जल वितरण प्रणाली में सुधार होगा। अधीक्षण अभियंता एमके गौतम ने बताया कि सबसे ज्यादा लाभ बदायूं के किसानों को मिलेगा। बदायूं में चार ब्लॉक डार्क जोन में थे। वहां नलकूपों के बोरिंग पर पाबंदी थी।
कुछ हसरतें पूरी, ज्यादातर उम्मीदें अधूरीसरकार ने सात साल में गन्ने के भाव में मात्र 20 रुपये क्विंटल का इजाफा किया है। इससे किसान पहले से ही मायूस हैं। इस बजट में किसानों के लिए कुछ खास नहीं है। - चौधरी शिशुपाल सिंह, प्रदेश महासचिव भाकियू
उम्मीद थी कि किसानों को नलकूप के लिए फ्री बिजली की घोषणा की जाएगी, लेकिन सरकार की ओर से मायूसी मिली। छुट्टा पशुओं को लेकर भी सरकार की ओर से कोई ठोस योजना नहीं रखी गई है। - सोमवीर सिंह, जिलाध्यक्ष भाकियू
सरकार कई साल से किसानों की आय दोगुनी करने की बात कह रही है। लोकसभा चुनाव से पहले चमकदार बजट पेश किया गया है, लेकिन किसानों को जो उम्मीद थी वह बजट से पूरी होती नहीं दिख रही। - विजेंद्र सिंह, चंगासी
बजट किसानों के हित में है। गन्ना किसानों का समय से भुगतान कराकर सरकार ने तराई बेल्ट में किसानों को मजबूत किया है। निजी नलकूपों के लिए रियायती दरों पर कनेक्शन की भी व्यवस्था की गई है। -संदीप सिंह, बिजौरिया
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सरकार ने अबकी बार जो नई योजना की घोषणा की है, वह है ब्याज मुक्त लोन। यह स्कीम बेरोजगारों को स्वरोजगार के प्रति प्रेरित करेगी। क्योंकि पांच लाख में छोटे उद्यम के जरिये युवा कारोबार करेंगे और रोजगार सृजित होंगे। प्लेज पार्क, फूड प्रोसेसिंग आदि को बढ़ावा देना भी सरकार का सराहनीय कदम है। - राजेश गुप्ता, उद्यमी