अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार चौरसिया ने आंवला के अधिशासी अभियंता ओपी पाल और बहेड़ी के अधिशासी अभियंता चमन प्रकाश को जांच सौंपी गई है। सात दिनों में रिपोर्ट आएगी। मृतक के परिजन को 7.5 लाख रुपये बीमा क्लेम, आश्रित को पात्रता के आधार पर निजी फर्म में नौकरी व अन्य देयकों का भुगतान दिलाया जाएगा।
एसडीओ फरीदपुर सतीश जायसवाल ने कहा कि शटडाउन लिया गया था या नहीं उसकी जांच विद्युत सुरक्षा निदेशालय करेगा। शेर सिंह का मोबाइल को कब्जे में लिया गया है। ताकि पता चल सके कि शट डाउन खत्म करते समय उससे फोन पर बातचीत हुई या नहीं।
शटडाउन अवधि में आपूर्ति चालू की
अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार चौरसिया ने बताया कि दिन में 11:18 बजे कर्मचारी को करंट लगा। कर्मचारी का शव खंभे पर लटक गया था। सीढ़ी से उतारना संभव नहीं था। उसे उतारने के लिए जेसीबी मंगानी पड़ी। इसमें वक्त लगा और दोपहर 11:18 उसे उतार लिया गया।
प्रथम दृष्टया शटडाउन के दौरान आपूर्ति चालू किए जाने की बात सामने आई है। संविदाकर्मी शेर सिंह और राजीव पाठक ने शटडाउन लिया था। शेर सिंह के शटडाउन की अवधि खत्म नहीं हुई थी। एसएसओ ने आपूर्ति चालू कर दी। जांच से जिम्मेदारी तय होगी।