बरेली। महाभारतकालीन पांडव और यक्ष संवाद की साक्षी लीलौर झील अब नए रंग-रूप में नजर आएगी। पर्यटन विभाग ने इसके लिए साढ़े चार करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर जिलाधिकारी को भेजा है। शासन से रकम स्वीकृत होने के बाद कार्य शुरू होगा।
आंवला तहसील क्षेत्र में स्थित लीलौर झील में अगस्त से नौका विहार शुरू किया गया है। इससे वहां पर पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। शासन की मंशा है कि इस धरोहर को पर्यटन के लिहाज से और विकसित किया जाए। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि पर्यटन विभाग की ओर से वहां यात्री हॉल, कैफेटेरिया, धर्मशाला निर्माण व शिव मंदिर का सौंदर्यीकरण प्रस्तावित है।
पर्यटकों की सुविधा के लिए लीलौर झील के पास जेटी का निर्माण होगा, ताकि नौका विहार करने वाले यात्री आसानी से उस पर सवार हो सके। जेटी एक प्लास्टिक की संरचना है, जिसका इस्तेमाल नाव पर सवार होने और उतरने के लिए किया जाता है। इसी के साथ पांडव और यक्ष संवाद को भी दिखाया जाएगा।