बकायेदारों के कनेक्शन जोड़ने पर एक्शन के अगले दिन फिर पांच पकड़े
गुरुवार तड़के हुई चेकिंग, एसडीओ राजेंद्रनगर मामले की करेंगे जांच
बरेली। बकायेदारी में काटे गए कनेक्शन चलते मिले मामले में हुए एक्शन के बाद अगले दिन ही चेकिंग में फिर पांच पकड़े गए। इससे विभाग में अफरातफरी मची हुई है। आनन फानन में अफसरों ने तीन संविदा लाइनमैनों की बर्खास्त कर दिया। साथ ही अवैध रुप से कनेक्शन जोड़ने आदि मामलों की छानबीन के लिए एसडीओ राजेंद्रनगर जांच अधिकारी नामित किया गया है।
अवैध ई- रिक्शा चार्जिंग स्टेशन और अचानक चेकिंग में बकायेदारी में कटे कनेक्शन चालू मिलने पर मुख्यालय सख्त होता नजर आ रहा है। यहां बता दें कि बीते शनिवार देर शाम पावर कॉरपोरेशन के निदेशक विजय कुमार ने अचानक चेकिंग कराई थी तो बकायेदारी में काटे गए और दूसरे दिन अवैध चार्जिंग के मामले पकड़े गए थे। उन्होंने कनेक्शन जोड़ने वाले स्टॉफ पर सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए थे, लेकिन अफसर मामले की लीपापोती में जुटे रहे। मुख्यालय स्तर पर जब हलचल हुई तो पांचवें दिन टीजी-2 अरविंद कुमार को सस्पेंड कर दिया गया। कार्रवाई के विरोध में टीजी-2 संगठन ने बिना किसी अनुमति के ही चीफ इंजीनियर कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। दूसरे दिन भी धरना जारी रहा।
मुख्यालय से लगी फटकार के बाद गुरुवार तड़के फिर चेकिंग हुई तो उन्हीं इलाकों में बकाएदारी में कटे और कनेक्शन भी जुड़े पाए गए। चेकिंग में बकायेदार हजियापुर में सुनीता, शोभा, सगीर, माधोबाड़ी में लल्लन और बब्बू के कनेक्शन चालू हालत में मिले। इन पांचों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उधर, कटे कनेक्शन जोड़ने के मामले में तीन लाइनमैन मंजीत, मो. मियां, आरिफ चिह्नित हुए। इनकी संविदा तत्काल प्रभाव से खत्म कर दी गई है। बकायेदारी में काटे गए कनेक्शन जोड़ने के मामले में छठे दिन एसडीओ राजेंद्र नगर एमए खान को जांच अधिकारी किया गया है।
एक ओर नारेबाजी दूसरी और सहगल
चीफ इंजीनियर कार्यालय परिसर में टीजी-2 धरने पर बैठे थे। इस बीच दोपहर में प्रमुख सचिव नवनीत सहगल का काफिला सर्किट हाउस पहुंचा तो नारेबाजी तेज हो गई। इसे प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। प्रशासनिक अफसरों का कहना है कि बिजली विभाग में यह सब जानबूझकर किया गया।