रिक्शा चालक, मजदूरों ने कहा कि थोड़ी और लकड़ी डलवाए नगर निगम
बरेली। सर्द रातों में फुटपाथ पर लोग सोते नजर आ रहे हैं। नगर निगम चीफ इंजीनियर ने प्रवर्तन दल को निर्देश दिए थे कि भ्रमण कर बेघरों को रैन बसेरे तक ले जाएंगे लेकिन इस पर अमल नहीं हो रहा है। लोग अभी भी फुटपाथों पर सो रहे हैं। पटेल चौक पर अलाव ताप रहे रिक्शा चालकों ने बताया कि नगर निगम से पचास किलो लकड़ी डाली जा रही है लेकिन यहां भीड़ देर रात तक बहुत होती है। ऐसे में यहां अधिक लकड़ी डालने की जरूरत है। शीतलहर के चलते दो दिनों से बाजार भी आठ बजे तक बंद हो जा रहे हैं। वहीं दिन में शुक्रवार को बाजार में भारी भीड़ देखने को मिली। डीएम नीतिश कुमार ने बताया कि सभी एसडीएम व नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि हर जगह जरूरत के मुताबिक अलाव जलवाए जाए और उनकी निगरानी सुनिश्चित की जाए। जिला अस्पताल में रैन बसेरे के लिए सीएमओ से पूछा जाएगा, यदि अभी तक नहीं बना है तो तत्काल बनवाने के निर्देश दिए जाएंगे।
स्थान- कुतुबखाना चौराहा, घंटाघर तिराहा। समय- 8:30 बजे शाम।
शीतलहर बंद करा रही बाजार
यहां शुक्रवार को शीतलहर के चलते शाम सात बजे से ही बाजार में तालाबंदी शुरू हो गई। दुकानदारों ने सात बजे से ही दुकानें बंद करना शुरू कर दी और शाम आठ बजते करीब लगभग पूरा बाजार बंद हो गया। इक्का दुक्का दुकानें ही खुली नजर आईं। दुकानदार आसिम ने बताया कि अभी सर्दी में भी करीब नौ बजे से ही बाजार बंद होना शुरू होता है और दस बजे तक बाजार पूरी तरह से बंद हो जाता है। लेकिन इधर बुधवार से शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। इससे बाजार में शाम छह बजे से ही सन्नाटा छाने लगता है और आठ बजे तक बाजार पूरी तरह बंद हो जाता है।
स्थान- जिला अस्पताल।
रैन बसेरा नहीं, मरीजों के बिस्तर पर तीमारदार
जिला पुरुष अस्पताल में रैन बसेरा की व्यवस्था गड़बड़ है। यहां रैन बसेरे में हवा से बचाव को पारदर्शी प्लास्टिक शीट लगाई गई थी। वह यहां टूटकर नीचे गिर गई है। यहां पड़ी बेंच भी टूटी है। इस कारण यहां रैन बसेरे में तीमारदार नहीं बैठ रहे हैं। वह मरीजों के बेड पर ही उनके साथ लेटे और बैठे हैं।
स्थान- पटेल चौक।
यहां लकड़ी दोगुनी कर दी जाए
यहां सुबह से देर रात तक भी हर चौराहे से अधिक तादात में चहल पहल रहती है। रात नौ बजे तक यहां निगम की लकड़ी खत्म हो चुकी थी। रिक्शा चालक बोरी व कूड़े और कहीं और से लकड़ी लाकर ताप रहे थे। रिक्शा चालकाें ने बताया कि नगर निगम ने लकड़ी तो डाली लेकिन शाम छह बजे से ही अलाव जल रहा है और यहां देर रात लोग आते रहते हैं। इससे यहां अधिक लकड़ी की जरूरत रहती है।
स्थान- विकास भवन रोड
फुटपाथ पर सिसकती जिंदगी
कंपनी गार्डन के सामने विकास भवन रोड पर फुटपाथ पर एक व्यक्ति खुले आसमान में सो रहा था। नगर निगम ने प्रवर्तन दल को निर्देश दिए हैं कि रात में कुछ दिनाें तक गश्त कर फुटपाथ पर सोने वाले बेघरों व रिक्शा चालकाें को रैन बसेरे की जानकारी देेते हुए उन्हें वहां तक पहुंचाए लेकिन इस पर अमल नहीं हो रहा है।
स्थान- सिविल लाइंस रोड
इस बार नगर निगम के सामने तिब्बती बाजार नहीं लगा। यहां ऊनी कपड़े व जैकेट ही आधा सैंकड़ा से अधिक दुकानें लगती थी। बाजार न लगने से सिविल लाइंस में जैकेटों की दुकानों पर जबरदस्त भीड़ जुट रही है। शुक्रवार को सिविल लाइंस में कई जगह लोग गर्म कपड़ों की खरीदारी करते दिखे।
स्थान- सर्किट हाउस रोड।
सर्किट हाउस रोड पर भी फुटपाथ पर शॉल, रजाई और कंबल की बिक्री हो रही है। दो दिनों से यहां भी अधिक भीड़ हो रही है। फुटपाथ दुकानदारों ने बताया कि शीतलहर चलने के बाद यहां खरीदारों की तादात बढ़ गई है।
स्थान- जिला अस्पताल रोड।
जिला अस्पताल रोड व इंद्रा बाजार में शुक्रवार को खासी भीड़ रही। इससे यहां दिनभर जाम की स्थिति रही। लोगों ने यहां ऊनी कपड़ों की खरीदारी की। दिन में यह भीड़ सदर कोतवाली के सामने से इंद्रा बाजार और घंटाघर से लेकर कुतुबखाना तक यही हाल रहा। सर्दी के चलते यहां रिक्शा व बाइकों से निकल रही मां भी सर्दी से बचाने को बच्चे को गोद में समेटती दिखी। वहीं कुछ युवतियां सर्दी में आइसक्रीम खाती भी दिखी।