सात गवा पेश किए गए
अभियोजन की ओर से सरकारी वकील सचिन जायसवाल ने सात गवाह पेश किए। इधर, एसएसपी के निर्देश पर विवेचक और लोक अभियोजक ने भी मुकदमे में प्रभावी पैरवी की।
अदालत में संजय की छह साल की बेटी निशी ने अपनी गवाही के दौरान अभियुक्त अब्बास को पहचाना और कहा कि यह वही है, जो मेरी मम्मी के बुलाने पर घर आया था। मम्मी ने अब्बास के साथ मिलकर उसके पापा को चुन्नी से गला दबाकर मार दिया।
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बताया कि वह घटना के समय सो रही थी, लेकिन आवाज सुनकर जाग गई। उसने पूरी घटना को खिड़की से देखा था। कोर्ट ने अभियुक्त अब्बास और ज्योति को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन करावास की सजा सुनाई और दोनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।