बरेली में चार साल पहले शाही में हुए धर्मपाल हत्याकांड के पांच आरोपियों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों में चार सगे भाई शामिल हैं। वारदात को प्रेमविवाह की रंजिश में अंजाम दिया गया था। सजा का आदेश विशेष न्यायाधीश अब्दुल कयूम ने किया।
घटना थाना शाही क्षेत्र के गांव आमौर में हुई थी। इसकी रिपोर्ट मृतक धर्मपाल की पत्नी कुसुम ने दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा कि 14 अगस्त, 2018 को शाम करीब सात बजे कुसुम के पति धर्मपाल शौच करने जंगल में गए थे। करीब एक घंटे बाद गांव के ही रामबहादुर उर्फ बल्लू घर आए। उन्होंने बताया कि धर्मपाल को गांव के ही भुवनचंद्र उर्फ ईश्वरी प्रसाद, उसके भाई ऋषिपाल, हरपाल और इंद्रपाल व भुवनचंद्र के बहनोई सुरेश ने घेर लिया है। कुसुम परिवार के लोगों के साथ मौके पर पहुंची तो पति का शव पड़ा था। उनकी गोली मारकर हत्या करके आरोपी भाग चुके थे।
धर्मपाल की हत्या 29 जुलाई, 2018 को हुए भुवनचंद्र की बेटी के प्रेमविवाह की रंजिश में की गई थी। भुवन की लड़की कामिनी बालिग थी। उसका प्रेमविवाह गांव के कुछ भले लोगों ने धर्मपाल के भतीजे हरदास के साथ कराया था। विवेचना के बाद पुलिस ने अभियुक्त हरपाल, भुवनचंद्र, इंद्रपाल, ऋषिपाल, सुरेश और सुनील के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र पेश किया। कोर्ट ने सभी अभियुक्तों को उम्रकैद दस-दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।