बरेली। पति की हत्या करने वाली पत्नी और उसको भाई को अपर सत्र न्यायाधीश ज्ञानेंद्र त्रिपाठी की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। घटना के सभी गवाह अदालत में मुकर गए। अभियुक्तों ने भी खूब दांव-पेच खेले, पर खुद को निर्दोष साबित नहीं कर सके। परिस्थितिजन्य साक्ष्य सजा का आधार बने।
घटना बारादरी थाना क्षेत्र की 18 जून वर्ष 2022 की है। राशिद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसके बड़े भाई आरिफ कुरैशी का निकाह 12 साल पहले कोतवाली क्षेत्र के आजमनगर निवासी रेशमा से हुआ था।
निकाह के बाद से ही दोनों गांव छोड़कर बारादरी थाना क्षेत्र के मोहल्ला हजियापुर में रह रहे थे। दोनों के दो बच्चे भी हैं। कुछ समय से दोनों के बीच अनबन चल रही थी। इस वजह से आरिफ और रेशमा अलग-अलग रहने लगे थे।
18 जून 2022 को आरिफ, रेशमा से मिलने गया था, जहां दोनों के बीच झगड़ा हो गया। शाम पांच बजे रेशमा ने अपने भाई भूरा को बुलाया और दोनों ने मिलकर आरिफ की गर्दन काटकर हत्या कर दी। दोनों मौके से फरार हो गए। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की।
दो सितंबर 2022 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। अपर सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने व साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद दोषियों काे सजा सुनाई है। संवाद