विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। छह साल चली सुनवाई के दौरान 14 गवाह और 90 से ज्यादा साक्ष्य पेश किए। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष अनुराग भागवानी उर्फ अन्नू को दोषसिद्ध साबित करने में कामयाब रहा। कोर्ट ने उसे कैद और जुर्माने की सजा सुनाई।
दंपती की हत्या के बाद दो मंजिल से कूदा था अनुराग
सत्संगी दंपती की हत्या करने के बाद अनुराग दो मंजिल घर से कूदकर भाग गया था। इस दौरान उसने अपना चेहरा छिपाने की कोशिश भी की, लेकिन वह सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में कैद हो गया। उसने मास्क और टोपी पहन रखा था। साथ लाया एक बैग वह मौके पर ही छोड़कर भाग गया था। उसकी एक चप्पल भी मौके पर मिली थी।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने उसकी तलाश की। शासकीय अधिवक्ता राजेश्वरी गंगवार ने बताया कि सीसी कैमरे की फुटेज न मिलने की दशा में दोषी की पहचान मुश्किल हो सकती थी। इसके अलावा फॉरेंसिक साक्ष्य भी आधार बने हैं। उधर, बुधवार को जब अनुराग को कोर्ट में पेश किया गया तो चलने में वह असमर्थ प्रतीत हुआ। पुलिस के अनुसार हत्याकांड के बाद अनुराग जब छत से कूद कर भागा था तो उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई थी।