बरेली। दहेज हत्या के दोषी पति को अपर सत्र न्यायाधीश अभय श्रीवास्तव की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
आंवला के भमलौर रसूलपुर निवासी मुरारी ने थाने में आठ अगस्त 2021 की रात रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उसने अपनी बेटी रूपवती उर्फ शीला की शादी तीन मार्च 2019 को आंवला क्षेत्र के ही गांव देवकोला निवासी महेंद्र से की थी। शादी के बाद से ही दहेज के लिए शीला को प्रताड़ित किया जाता था। शीला ने मायके आकर कई बार यह बात परिजनों को बताती भी थी। आठ अगस्त 2021 को देवकोला गांव से मुरारी के पास कॉल आई कि उनकी बेटी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। जब वह वहां पहुंचे तो बेटी का शव फंदे से लटका हुआ था।
पुलिस ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया। अदालत में महेंद्र की तरफ से कहा गया कि ससुराल वालों ने उसकी जमीन हड़पने के लिए झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं, विशेष अभियोजन अधिकारी अनूप कोहरवाल ने अभियोजन की ओर से पक्ष रखा। अदालत ने महेंद्र को दहेज हत्या के लिए दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।