बरेली। शादी के महज पांच महीने के भीतर विवाहिता की दहेज के लिए हत्या करने के दोषी पति व सास-ससुर को अपर सत्र न्यायाधीश अभय श्रीवास्तव की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
फरीदपुर के ग्राम सकरपुर अंधरपुर निवासी महेश चंद्र शर्मा ने अपनी बहन मिथिलेश की शादी 6 मई 2019 को बारादरी के मोहल्ला दुर्गानगर निवासी संजय शर्मा के साथ की थी। शादी में दस लाख रुपये खर्च किए थे। बावजूद इसके ससुर ब्रह्मा स्वरूप, सास सुशीला देवी, देवर व बहनोई राकेश शर्मा जो कानूनगो है, परेशान करते थे। दहेज में कार की मांग की जा रही थी। मिथिलेश को भूखा रखा जाता था। शादी के पांच महीने बाद ही 17 सितंबर को मिथिलेश का शव ससुराल में फंदे पर लटका मिला। इस मामले में पति, सास, ससुर आदि के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया।
अदालत में ससुराल पक्ष की तरफ से बताया गया कि मिथिलेश के मायके वाले उससे ज्यादा संबंध नहीं रखते थे। चचेरे भाई की मौत होने की सूचना भी उसे नहीं दी। महेश के बच्चे का जन्म हुआ लेकिन मिथिलेश को कोई जानकारी नहीं दी गई। इससे वह अवसाद में आ गई थी। इस कारण उसने आत्महत्या कर ली। वहीं सरकारी वकील अनूप कोहरवाल ने बताया कि कोई भी विवाहिता महज इसलिए आत्महत्या नहीं कर लेेती कि उसके मायके वाले नहीं पूछ रहे हैं। मुकदमे में साफ है कि कार की मांग के लिए उसका उत्पीड़न किया जा रहा था। विवाह के पांच माह के भीतर ही विवाहिता को मार डाला गया। उसके साथ क्रूरता की गई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने पति संजय शर्मा, सास सुशीला देवी व ससुर ब्रह्मा स्वरूप को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया।