शाहजहांपुर जिले में रास्ते के विवाद को लेकर 12वीं के छात्र की गोली मारकर हत्या में अदालत ने दो सगे भाइयों समेत पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वारदात पिछले वर्ष होली के अगले दिन अंजाम दी गई थी।
कांट थाना क्षेत्र के गांव लालपुर के रहने वाले विपिन ने पुलिस को तहरीर दी थी कि 26 मार्च को वह होमगार्ड पिता महेशपाल और चचेरे भाई 12वीं के छात्र अनुराग, चाचा प्रेमपाल, भाई विवेक और आरेंद्र के साथ घर के दरवाजे पर बैठा था। तभी गांव के रहने वाले नीरज और उसके भाई अखिलेश, रामू और संजय, अनिल और उसका भाई अवधेश, अभय और उसका भाई ब्रजेश, अशोक, गुरुदेव अपने पांच-सात साथियों के साथ असलहे लेकर आ गए।
'सबको खत्म कर दो'
दरवाजे पर उन लोगों को बैठा देखकर हमलावरों ने कहा कि सूचना सही थी। आज सब इकट्ठे बैठे हैं और सबको खत्म कर दो। उन लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी। विपिन और उसके पिता महेश पाल को गोली लग गई। भाई अनुराग भागा तो उन लोगों ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया। अनुराग के सीने में गोली मार दी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
'उसकी मां को भी पीटा'
उन लोगों ने घर में घुसकर जितेंद्र और उसकी मां को भी पीटा। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। पुलिस ने रामू उसके भाई नीरज के अलावा शिवांश, अशोक और अनिल के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र नाथ पांडेय ने अनिल, अशोक, रामू, शिवांश और नीरज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
रास्ते को लेकर था विवाद
लालपुर गांव के पूर्व कोटेदार व होमगार्ड महेश पाल के घर के बगल से आम रास्ते से दूसरा पक्ष अपना ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर निकलता था। वारदात से दस दिन पहले नीरज ने रास्ते पर मिट्टी डलवा दी थी। इसका महेश ने विरोध किया था। तभी से दोनों पक्षों में रंजिश पनप गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया था कि दोनों पक्षों में वर्चस्व को लेकर विवाद भी था। अनुराग ने 2024 में इंटर की परीक्षा दी थी।
मूक महिला से दुष्कर्म के दोषी को 12 वर्ष का कारावास
शाहजहांपुर में मूक महिला से घर में घुसकर दुष्कर्म के दोषी को अदालत ने 12 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। सेहरामऊ दक्षिणी थाना क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी पत्नी घर में अकेली थी। 13 जुलाई 2022 को दोपहर 12 बजे भूरे घर में घुसकर पत्नी से छेड़खानी करने लगा। उसने पत्नी से हाथापाई भी की। रिश्तेदारों के आने पर भूरे मौके से भाग गया।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। विवेचक ने पीड़िता के बयान के आधार पर दुष्कर्म की धारा बढ़ाई। पुलिस ने भूरे के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा। अपर सत्र न्यायाधीश ने भूरे को 12 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।