बरेली के स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट (कोर्ट संख्या-तीन) ने किशोरी से अश्लीलता, उसके पांच साल के भाई की हत्या और साक्ष्य मिटाने के दोषी नवाबगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महेश को आजीवन कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। किशोरी का महेश से प्रेम प्रसंग था। 28 जुलाई 2020 को बच्चे ने अपनी बहन और महेश को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। भेद खुलने के डर से महेश ने बच्चे की गला दबाकर हत्या कर दी थी।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 30 जुलाई 2020 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 28 जुलाई को वह और उसकी पत्नी मजदूरी करने गए थे। घर पर उसकी 16 साल की बेटी और पांच साल का बेटा थे। जब वह घर लौटा तो गांव के कुछ बच्चों ने बताया कि उसका बेटा घर के पीछे झाड़ियों में पड़ा है। बेटे को लेकर वह अस्पताल गए, लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सब कुछ सामान्य मानते हुए उसने बेटे के शव को दफन कर दिया।
ग्रामीणों ने परिजनों को बताई थी घटना
बाद में गांव के कुछ लोगों ने उसे बताया कि तुम्हारे बेटे को महेश ने छत से फेंका है। उसने जब अपनी बेटी से सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि छह माह से उसका महेश से प्रेम प्रसंग चल रहा है। 28 जुलाई को उसने महेश को घर बुलाया था। दोनों आपत्तिजनक हालत में थे तभी भाई जाग गया और उसने उनको देख लिया।
किशोरी ने बताया कि भेद खुलने और बदनामी के डर से महेश ने उसके सामने ही उसके भाई की गला दबाकर हत्या कर दी। घटना को छिपाने के लिए शव छत से घर के पीछे झाड़ियों में फेंक दिया था। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने नौ गवाह पेश किए। कोर्ट ने महेश को पॉक्सो एक्ट, हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई।