प्रदेश सरकार ने नवाबगंज के अधिशासी अधिकारी नरेंद्र कुमार जौहरी को वहीं पर तैनात रहने के आदेश करके नगर पालिका अध्यक्ष सहला ताहिर को करारा झटका दिया है। शासन की ओर से जारी इस आदेश में कहा है कि ईओ नवाबगंज के पास पूर्व की भांति नगर पंचायत सैंथल और शीशगढ़ का भी अतिरिक्त चार्ज रहेगा।
नगर विकास विभाग के ओएसडी उमाशंकर सिंह ने आदेश में कहा है कि डीएम ने 21 मार्च को नवाबगंज के ईओ नरेंद्र कुमार जौहरी को हटाकर उनके स्थान पर मीरगंज के ईओ को अतिरिक्त चार्ज दिया था। साथ में दो अन्य नगर पंचायतों का अतिरिक्त चार्ज भी जौहरी से वापस ले लिया था। इस आदेश के खिलाफ ईओ जौहरी ने शासन में अपना पक्ष रखा। साथ में हाईकोर्ट का आदेश भी पेश किया। शासन ने डीएम के इस आदेश को हाईकोर्ट के आदेश गिरधारी लाल स्वर्णकार वनाम राज्य सरकार में दिए गए आदेश के विपरीत माना है। इसीलिए डीएम का आदेश निरस्त करते हुए फिर से ईओ जौहरी को काम देखने के आदेश किए हैं।
मार्च के महीने में नगर पालिका नवाबगंज की अध्यक्ष ने बोर्ड बैठक बुलाई थी। जिसमें ईओ को हटाने का फैसला लिया था। जिसके आधार पर अध्यक्ष ने ईओ को एक तरफा कार्य मुक्त कर दिया और प्रतिष्ठा का सवाल बनाया। उसी के साथ उन्होंने डीएम को नए ईओ की तैनाती के लिए पत्र लिखा था, जिसके आधार पर डीएम ने नए ईओ की तैनाती कर दी थी।
पहले भी मिल चुका है अध्यक्ष को झटका
नगर पालिका की दुकान आवंटन को लेकर अध्यक्ष ने 48 दुकानदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसके आधार पर अध्यक्ष की ओर से कार्रवाई को दबाव बनाया गया लेकिन वह दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करा पाईं। इस दौरान इंस्पेक्टर जवाहरलाल विवादित हुए और उनका तबादला भी हुआ। जबकि वह इंस्पेक्टर को वहीं पर रुकवाने के लिए शासन में प्रयास किया।