अधिकारियों के दबाव में ही सही जांच में जुटे आंवला थाना प्रभारी ने नकली पेट्रोल बनाने के मास्टर माइंड कहे जाने वाले फरार केके गुप्ता के परिवार को अपना पक्ष रखकर नोटिस जारी किया है। एकता नगर निवासी केके गुप्ता परिवार को व्यवसाय का लाइसेंस जांच अधिकारी के सामने पेश करना था। जानकारी के मुताबिक अभी तक केके गुप्ता परिवार लाइसेंस और व्यवसाय से जुड़े साक्ष्यों को सामने नहीं लाया है। हालांकि केके गुप्ता ने गिरफ्तारी के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था।
गिरफ्तारी के खिलाफ केके गुप्ता के वकील ने कहा था कि स्नेह कोल्ड स्टोरेज की जगह को किराये पर दिया गया था। पुलिस ने जिसको मिलावटी तेल बताकर जब्त किया, वह तेल नहीं बल्कि थिनर था। यह भी कहा गया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत जिस मुकदमा को लिखा जाना चाहिए था, उसे आपराधिक धाराओं में दर्ज किया है। कोर्ट से स्टे मिलने के बाद पुलिस की दबिशें तो केके गुप्ता और नितिन कंसल के घरों पर रुक गई थी। एसएचओ आंवला सत्येंद्र सिंह पंवार ने जांच को आगे बढ़ाते हुए परिवार को तेल के व्यवसाय का लाइसेंस दिखाने के लिए नोटिस जारी कर दिया है, लेकिन परिवार ने अभी तक थाने पहुंचकर अपना लाइसेंस नहीं दिखाया है। इंस्पेक्टर के अनुसार दो दिनों के अंदर अगर परिवार लाइसेंस और जरूरी दस्तावेज के साथ अपना पक्ष नहीं रखता है तो पुलिस कठोर कदम उठायेगी।
शादी का कार्ड बना एसओ के गले की हड्डी
एसओ भमोरा सतीश यादव की मेज पर के के गुप्ता के लड़के अंकुर गुप्ता की शादी का कार्ड मिलना गले की हड्डी साबित हो गया। तेल के खेल से एसओ भले ही अपना पल्ला झाड़ते रहे हो, लेकिन थाने की मेज पर पड़े गए कार्ड ने उनके कनेक्शन का राज भी खोल दिया था। आला अधिकारियों की जानकारी में मामला आने के बाद पहले एसपी देहात की जांच और फिर सस्पेंड होने से एसओ बच नहीं सके।