बरेली। हुजूर मुफ्ती आजम हिंद हजरत मुस्तफा रजा खां की यौम-ए-विलादत के पुरनूर मौके पर आला हजरत ट्रस्ट की ओर से कशाना-ए-नूरी पर महफिल का आयोजन किया गया। इसमें मुफ्ती आजम हिंद की दीनी खिदमात और इश्क-ए-नबी के बारे में चर्चा की गई।
आला हजरत ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहतशिम रजा खान ने कहा कि ताजुश्शरिया ने हुजूर मुफ्ती आजम शान में बहुत कलाम कलम बंद किए। उनमें सबसे ज्यादा मकबूल कलाम ये है कि मुत्तकी बनकर दिखाए इस जमाने में कोई, एक मेरे मुफ्ती-ए-आजम का ताक्वा छोड़ कर। उन्होंने कहा कि हुजूर मुफ्ती आजम ने अहले सुन्नत वल जमात के लिए जो कुर्बानियां दी है उस एहसान को पूरी कौम ताउम्र अदा नहीं कर सकती। इस दौरान हुजूर मुफ्ती आजम के लिखे कलाम को नात खां मुजफ्फर रजा ने पढ़कर लोगो को झूमने को मजबूर कर दिया। इसके बाद सलातो सलाम का नजराना पेश किया गया। ट्रस्ट के मीडिया प्रभारी चंगेज खान ने शुक्रिया अदा किया। महफिल में जकवान रजा खां, हाय्यान रजा खां, हाजी शमशाद नूरी, उवैस खान, तहसीन रजा खां, शोएब खान, इस्लाम मंसूरी, शानू साबिर आदि मौजूद रहे।