आंवला। आईजीआरएस से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण में घोर लापरवाही बरतने पर एसडीएम विदुषी सिंह ने लेखपाल हृदेश चंद्र को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई तहसीलदार बृजेश वर्मा की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई।
शासन ने एक अप्रैल 2025 से 31 अप्रैल 2026 के बीच फर्जी निस्तारित शिकायतों की दोबारा जांच करने और उनके गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के आदेश दिए हैं। यह जांच हरहाल में 30 जून तक पूरी करनी है। बाकायदा ऐसी शिकायतों की सूची भी जारी की गई थी। इसमें लेखपाल हृदेश चंद्र के क्षेत्र अखा गांव की कुल 57 शिकायतें ऐसी मिलीं जिनके निस्तारण से शिकायकर्ता संतुष्ट नहीं थे। इनकी दोबारा जांच के आदेश एसडीएम ने दिए थे। बृहस्पतिवार को 18 दिन का समय बीतने के बाद लेखपाल ने न तो एक भी शिकायत का निस्तारण किया और न ही स्थलीय परीक्षण किया। बुधवार शाम को तहसीलदार ब्रजेश कुमार ने लेखपाल हृदेश चंद्र से जब मोबाइल पर संपर्क किया तो उन्होंने स्वीकार किया कि वह बरेली शहर में रह रहे हैं। एसडीएम ने बताया कि लेखपाल का क्षेत्र के बाहर निवास करना कर्तव्यों के प्रति घोर उदासीनता, सरकारी सेवक के आदर्श आचरण के विरुद्ध और अनुशासनहीनता की श्रेणी में पाया गया। इसी आधार पर निलंबन के आदेश जारी किए गए हैं। निलंबन की अवधि में लेखपाल को रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय से संबद्ध किया गया है। नायब तहसीलदार को इस मामले में जांच अधिकारी नियुक्त कर रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।