लेखपाल की लापरवाही से वापस आई फाइल
एसडीएम उदित पवार ने बताया कि लेखपाल की लापरवाही की वजह से आपत्ति लगकर फाइल वापस तहसील आ गई थी। अब आपत्ति निस्तारित कर स्वीकृति के लिए फाइल फिर से जिले पर भेजी है। मृत्यु के छह महीने के अंतराल में आवेदन करने का नियम है। इस आधार पर मृतक नोनीराम के परिजन को आर्थिक सहायता मिलेगी।
लेखपाल पर जानकारी छिपाने का भी आरोप
एसडीएम उदित पवार ने बताया कि निलंबित लेखपाल धर्मेंद्र वर्तमान में जवेदा जवेदी क्षेत्र में तैनात हैं। तहसीलदार की जांच में पाया गया है कि मधु नगला की गोशाला में व्याप्त अव्यवस्थाओं के संबंध में उसने उच्चाधिकारियों को जानकारी नहीं दी। साथ ही, वह वरासत, जनता दर्शन, संपूर्ण समाधान दिवस एवं आईजीआरएस वाली शिकायतों के निस्तारण में भी लापरवाही बरत रहे थे। अब निलंबन काल में इन्हें तहसील के भूलेख कार्यालय से संबद्ध किया है।
गोशाला में क्षमता से अधिक मिले गोवंश
नवाबगंज क्षेत्र की ग्राम पंचायत मधु नगला की गोशाला में अब तक करीब 19 गोवंशों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार को डीएम वहां पहुंचे तो क्षमता से अधिक 67 गोवंश मिले। बीडीओ ने बताया कि गोशाला में 350 पशु रखने की क्षमता है, लेकिन 417 पशु संरक्षित हैं। इसमें 219 गाय और 198 नंदी हैं। डीएम ने एसडीएम को सप्ताह में एक बार गोशाला का अनिवार्य रूप से निरीक्षण करने का निर्देश दिया है।
डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि पशुओं की देखभाल में लापरवाही पाए जाने पर यहां की ग्राम विकास अधिकारी संगीता को निलंबित किया गया था। निरीक्षण के दौरान गोशाला में साफ-सफाई मिली है। गोवंशों को भूसा-हरा चारा भी दिया जा रहा है। पशु स्वस्थ मिले हैं। डीएम ने गायों को गुड़ व चने खिलाए। बीडीओ व प्रधान से गोशाला में सीसी कैमरे लगवाने के लिए भी कहा।
एसडीएम के निरीक्षण में मिली थी लापरवाही
14 अगस्त को नवाबगंज के एसडीएम उदित पवार के निरीक्षण के दौरान गोशाला के बाहर पनघौली नदी किनारे 17 गोवंश मृत मिले थे। एसडीएम ने जेसीबी बुलाकर उनके शव निस्तारित कराए थे। इसके अलावा गोशाला में दो और पशुओं की मौत हो गई थी। एसडीएम के निरीक्षण के दौरान गोशाला में 418 पशु मिले थे। पांच पशु बीमार भी थे।
गो सेवा आयोग के सदस्य ने देखे हालात
गो सेवा आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय ने शेरगढ़ रोड पर बनी कान्हा गोशाला का शुक्रवार को निरीक्षण किया। हरे चारे की मात्रा बढ़ाने के निर्देश दिए। क्षेत्र के लोगों से जन सहयोग लेकर इसे मॉडल गोशाला बनाने के लिए कहा।