बरेली। आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) लागू होने के बावजूद हड़ताल खत्म न करने पर सस्पेंड किए गए लेखपाल संघ के 14 पदाधिकारियों को अब बर्खास्त करने की तैयारी चल रही है। शासन के आदेश पर इन लेखपालों को सस्पेंड कर रिपोर्ट भी दर्ज कराई जा चुकी है। इसके अलावा लेखपाल संघ के जिन 30 पदाधिकारियों की सर्विस ब्रेक की गई है, उन्हें भी सस्पेंड करने की तैयारी चल रही है।
वेतन, प्रमोशन सहित आठ सूत्रीय मांगों को लेकर 10 दिसंबर से कामकाज ठप करके लेखपाल हड़ताल पर हैं। तमाम चेतावनी के बावजूद लेखपालों ने हड़ताल समाप्त नहीं की तो बुधवार को संबंधित तहसीलों के एसडीएम ने लेखपाल संघ के पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई में सदर तहसील में जिलाध्यक्ष संजीव सिंह और जिला महामंत्री भूषित सक्सेना, सदर तहसील अध्यक्ष लाल बहादुर गंगवार, मंत्री नारायण दास मिश्र, आंवला तहसील अध्यक्ष सत्यप्रकाश सिंह, मंत्री विशाल मोहन, मीरगंज के अध्यक्ष योगेंद्र सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, बहेड़ी में संयोजक प्रमोद, उपाध्यक्ष रामेश्वर दयाल, नवाबगंज के अध्यक्ष मोहम्मद नासिर हुसैन, मंत्री राजेश कुमार, फरीदपुर के अध्यक्ष रामऔतार सिंह यादव, मंत्री नरेश रस्तोगी शामिल हैं। इनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है। इसके बावजूद लेखपालों के न मानने पर अब उन्हें बर्खास्त करने की तैयारी की जा रही है। इसके नोटिस भी उन्हें दे दिए गए हैं। एडीएम प्रशासन वीके सिंह ने बताया कि इस मामले में लेखपाल संघ के जिन 30 पदाधिकारियों की सर्विस ब्रेक की गई है। अब उन्हें सस्पेंड किया जाएगा।