'मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है! पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।' हादसे में एक पैर गंवाने वाले बरेली के इरफान ने यह साबित कर दिखाया। उन्होंने यूपी स्टेट पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीते हैं।
बरेली के पैरा एथलीट इरफान बेग हौसले की मिसाल हैं। मार्च 2016 में दिल्ली से लौटते समय कुछ लोगों ने उन्हें ट्रेन से धक्का दे दिया था। इसमें वह अपना एक पैर गंवा बैठे। परिजनों ने हौसला बढ़ाया तो इरफान बेग दोबारा उठ खड़े हुए।
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दिव्यांग पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा के जीवन से प्रेरणा ली। यू ट्यूब से भाला फेंक व गोला फेंक की बारीकियां सीखी। यूपी स्टेट पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाला फेंक और चक्का फेंक में स्वर्ण पदक जीतकर साबित कर दिया कि संकल्प की राह में बाधाएं मायने नहीं रखतीं।
कोहाड़ापीर के निकट शाहबाद मोहल्ले के रहने वाले इरफान का पहले से खेलों से लगाव रहा। पैर गंवाने के बाद उनकी जिंदगी बदल गई। वर्ष 2020 में उन्होंने भाला फेंक और चक्का फेंक जैसे खेलों में हाथ आजमाने का फैसला किया।
पहले यू-ट्यूब पर वीडियो देखकर इसकी बारीकियां सीखी, फिर कोच अजय कश्यप के मार्गदर्शन में नियमित अभ्यास शुरू किया। दिन-रात मेहनत की। स्टेट चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन के बाद अब इरफान का अगला लक्ष्य चेन्नई में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने का है।