फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानून की पढ़ाई का घट रहा क्रेज

Sat, 16 Jul 2016 12:43 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
विज्ञापन
विज्ञापन
कानून की पढ़ाई के प्रति युवाओं में अब पहले जैसा क्रेज नहीं दिखाई दे रहा। निजी कालेजों में एलएलबी और एलएलएम में प्रवेश लेने की बात कौन करे, बहुत सारे युवा अनुदानित कालेज से भी कानून की पढ़ाई करने के इच्छुक नहीं हैं। बरेली कालेज और केजीके कालेज मुरादाबाद में एडमीशन के लिए शुक्रवार से एमजेपी रुहेलखंड यूनिवर्सिटी में शुरू हुई एलएलबी की काउंसलिंग में पहले ही दिन लगभग आधे अभ्यर्थी नहीं पहुंचे। ढाई सौ अभ्यर्थियों को काउंसलिंग में बुलाया गया था लेकिन 130 ही आए। गैरहाजिर रहे 120 अभ्यर्थियों ने एडमीशन छोड़ दिया। इन्होंने अनुदानित कालेज में एडमीशन के लिए यूनिवर्सिटी की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी रुचि नहीं दिखाई।
विज्ञापन

बरेली कालेज और केजीके कालेज मुरादाबाद में एलएलबी की 320-320 सीटों पर एडमीशन के लिए हर साल की तरह इस साल भी रुहेलखंड यूनिवर्सिटी ने प्रवेश परीक्षा कराई थी। इसके आधार पर मेरिट बनाकर एक से लेकर 250 मेरिट वालों को पहले दिन एडमीशन के लिए यूनिवर्सिटी ने काउंसलिंग में बुलाया था। तीन दिन चलने वाली इस काउंसलिंग के दूसरे दिन शनिवार को 251 से 500 और तीसरे दिन 501 से 750 मेरिट वालोें को एडमीशन के लिए बुलाया गया है लेकिन पहले दिन ही लगभग आधे अभ्यर्थियों के एडमीशन छोड़ने से जाहिर हो रहा है कि कानून की पढ़ाई के प्रति युवाओं में मोहभंग होता जा रहा है।

कोट...
काउंसलिंग में न आने का मतलब है कि उनको एडमीशन नहीं लेना इसलिए उनको दुबारा मौका नहीं दिया जाएगा। मेरिट में शामिल जो अभ्यर्थी काउंसलिंग में आएंगे, उनको ही अनुदानित कालेज में एडमीशन मिल सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

-प्रो. वीपी सिंह, काउंसलिंग कोआर्डिनेटर एवं प्रतिकुलपति
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें