लाल बहादुर ने स्थापित की मशरूम के बीज की प्रयोगशाला
फरीदपुर के गांव किर्सुरा के रहने वाले लाल बहादुर कई वर्षों से मशरूम की खेती कर रहे हैं। इससे पहले वह कई नौकरियां भी कर चुके हैं। वह बताते हैं कि पहले हरियाणा व पंजाब के एक इंस्ट्रक्टर को बुलाकर ट्रेनिंग ली। बीज भी बाहर से मंगाया। करीब दो साल पहले मशरूम के बीज बनाने के लिए प्रयोगशाला स्थापित की। अब वह बीज का निर्यात भी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 1.5 टन मशरूम की पैदावार हो रही है। इससे करीब 25 लाख रुपये तक का मुनाफा हो रहा है।