बरेली। वर्तमान में गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करना ही काफी नहीं, उसकी ब्रांडिंग और लक्षित समूह तक गुणवत्ता का प्रसार भी बेहद जरूरी है। सरकारी योजनाएं, लीन स्कीम इसमें कारगर साबित हो सकती है। वहीं, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस कम समय में उत्पादन बढ़ाने में सक्षम है।
सेंट्रल यूपी चैंबर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्री वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से बृहस्पतिवार काे बरेली क्लब हॉल में आयोजित लीन स्कीम, एआई विषय पर आधारित सेमिनार में ये जानकारी विशेषज्ञों ने साझा की। मुख्य वक्ता क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के मुख्य सलाहकार अमित कुमार ममगाई ने कहा कि भारत सरकार ने एमएसएमई उद्योगों के उत्थान के लिए जीरो डिफेक्ट जीरो इफेक्ट प्रमाणपत्र की योजना शुरू की है। इसमें 50 हजार रुपये की सब्सिडी समेत अन्य लाभ हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में प्रतिभाग पर 3.5 लाख रुपये के सहयोग की जानकारी दी। इससे पूर्व संस्था अध्यक्ष राजीव सिंघल, सचिव अल्पित अग्रवाल, पूर्व अध्यक्षों ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। महिला विंग की अध्यक्ष अमिता अग्रवाल सम्मानित हुईं। नए सदस्यों को प्रमाणपत्र मिले। ब्यूरो
स्वचालित निर्णय से ग्राहक सेवा में आएगा सुधार
विशिष्ट वक्ता राहुल बत्रा ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से व्यापार, उद्योगों में स्वचालित फैसले लेने से समय बचाकर उत्पादन बेहतर करने की जानकारी दी। कहा कि इससे कारोबार के विस्तार के लिए बाजार मिलेंगे। पूर्व अध्यक्ष अभिनव अग्रवाल ने भी एआई संबंधी जानकारी दी। यहां पूर्व अध्यक्ष किशोर कटरू, उद्यमी वीएस अग्रवाल, सुरेश सुंदरानी, अजय शुक्ला, संदीप टंडन, नीरज गोयल, डॉ. केशव अग्रवाल, सीए मोहित टंडन, पुनीत सक्सेना, मुकेश गुप्ता, राजा चावला समेत अन्य मौजूद रहे।