प्रधानमंत्री आवास योजना में बने गरीबों के घर के बाहर पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्य नाथ की फोटो की पेंटिंग कराने के बजाय उनके स्टीकर छापने पर अफसरों की काफी फजीहत हो रही है। नेताओं ने इस मामले को लेकर अधिकारियों को निशाने पर लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई कराने की बात भी कही है। इधर, जनप्रतिनिधियों की नाराजगी को देखते हुए जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) के अफसरों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
चुनावी वर्ष में सरकार की ओर से कराए गए कामों का श्रेय लेने के लिए प्रधानमंत्री और सीएम दोनों की ही फोटो की पेंटिंग प्रधानमंत्री आवासों के बाहर करानी थी। बताते हैं पेंटिंग का खर्च करीब 25 लाख रुपये था लेकिन अधिकारियों ने चार से पांच लाख का बजट खर्च करके करीब पांच हजार स्टीकर छपवा लिए। इन पर पीएम और सीएम दोनों की ही फोटो छपी हैं, लेकिन कागज के ये स्टीकर पीएम आवासों के बाहर दो दिन भी नहीं टिकेंगे। इससे सरकारी मशीनरी सरकार की मंशा पर पानी फेर रही है। यह मामला उजागर होने के बाद डीआरडीए के अधिकारियों की काफी किरकिरी हो रही है। लापरवाही की हद तो ये है कि अधिकारियों ने कई ब्लॉकों में ये स्टीकर भी नहीं भेजे हैं। इस मामले को लेकर नेताओं ने अधिकारियों के इस रवैये और मनमानी के खिलाफ गर्म तेवर दिखाए हैं। हालांकि अधिकारियों ने यह नहीं स्वीकार किया है कि स्टीकर की बजाय पेंटिंग ही होगी, लेकिन सूत्रों की मानें तो अंदरखाने इसे लेकर अफसरों ने पुनर्विचार शुरू कर दिया है।
जनप्रतिनिधियों से बातचीत
- केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार का कहना है कि ऊपर से आए निर्देश के आधार पर अधिकारियों को उसका क्रियान्वयन करना चाहिए था। इस संबंध में अफसरों से बात करेंगे कि प्रधानमंत्री आवासों के बाहर पेंटिंग की जगह पीएम और सीएम के स्टीकर क्यों लगवाए हैं।
- आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने कहा कि कुछ अधिकारी मिलकर सरकारी योजनाओं को पलीता लगाने में जुटे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना में बने घरों के बाहर पीएम और सीएम के फोटो की पेंटिंग के बजाय स्टीकर लगाने का मामला गंभीर है। इससे अधिकारियों की सरकार के प्रति संवेदनहीनता उजागर हो रही है। इस मामले में अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए सरकार को लेटर भेजा जाएगा।
- शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि इस मामले की पूरी जानकारी ली जाएगी कि अधिकारियों ने प्रधानमंत्री आवासों के बाहर पीएम और सीएम के फोटो प्रिंट कराने के बजाय उनके स्टीकर क्यों लगवाए हैं। अधिकारियों ने अगर इसे लेकर मनमानी की है तो यह बर्दाश्त नहीं होगा। जिस स्तर पर लापरवाही होगी, उसकी रिपोर्ट सरकार को देंगे।