बरेली। सेटेलाइट बस अड्डा को पीपीपी मॉडल पर संवारने के काम में और देरी होगी। सेना की ओर से एनओसी न मिलने पर अब परिवहन निगम की ओर से डिजाइन में बदलाव करने का निर्णय लिया गया है।
इसके तहत भवन की ऊंचाई 15 मीटर से कम रखी जाएगी ताकि एनओसी की अड़चन ही न रहे। डिजाइन में कुछ अन्य जरूरी बदलाव भी होंगे। इसके लिए दोबारा से लेआउट बनाया जा रहा है।
शासन की योजना के तहत उत्तर प्रदेश के 23 बस अड्डों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ वहां शॉपिंग कांप्लेक्स बनाए जाने हैं। इनमें बरेली का सेटेलाइट बस अड्डा भी शामिल है।
पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर यहां 20,164 स्क्वायर मीटर एरिया में 137 करोड़ की लागत से शॉपिंग कांप्लेक्स बनाया जाएगा। शॉपिंग कांप्लेक्स की छत के नीचे बस अड्डा रहेगा। ऊपर माल, रेस्टोरेंट, पार्किंग, दफ्तर, बैंक आदि सुविधाएं मिलेंगी।
चूंकि बस अड्डा सैन्य क्षेत्र के पास है। ऐसे में काम शुरू करने के लिए परिवहन निगम ने सेना से एनओसी मांगी थी। एनओसी न मिलने की वजह से काम अटका हुआ है। इस बीच बुधवार को मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये परिवहन निगम अधिकारियों के साथ ही डीएम से भी बात की। इस दौरान एनओसी का मुद्दा उठने पर मुख्य सचिव ने इस तरह से डिजाइन बनाने के लिए कहा ताकि एनओसी की अड़चन ही न रहे। संवाद