एसएसपी से भी मिला वकीलों का प्रतिनिधिमंडल, इंस्पेक्टर को हटाने की मांग
नवाबगंज। मुंशी के बेटे की पैरवी में गए तीन वकीलों पर रिपोर्ट दर्ज होने के मामले में मंगलवार को बार एसोसिएशन ने हड़ताल शुरू कर दी है। मंगलवार को वकीलों का एक शिष्टमंडल एसएसपी शैलेश पांडेय से भी मिला। कहा, इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह पचौरी ने ही महिला से आत्मदाह का ड्रामा कराया था। वकीलों ने इंस्पेक्टर पर कार्रवाई न होने तक हड़ताल जारी रखने का एलान किया। एसएसपी ने वकीलों को जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
मंगलवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे वकीलों के शिष्टमंडल ने इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह पचौरी पर आरोप लगाया कि मुंशी के बेटे की पैरवी करने पर पुलिस ने तीन अधिवक्ताओं सहित 10 लोगों पर महिला की ओर से झूठी एफआईआर दर्ज कर दी। इंस्पेक्टर ने ही महिला से आत्मदाह करने का पत्र लिखवाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कराया। सोमवार शाम करीब साढ़े तीन बजे इंस्पेक्टर ने योजना के तहत महिला को 7-8 लोगों के साथ तहसील चौराहे भेजकर आत्मदाह का ड्रामा कराया। इंस्पेक्टर ने ही सीओ की खाली गाड़ी चौराहे पर खड़ी कराई। बाद में महिला को हिरासत में लेकर बिना कोई कार्रवाई किए छोड़ दिया, जबकि उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जानी चाहिए थी।
वकीलों का कहना था कि महिला के पास से ऐसी कोई वस्तु बरामद नहीं हुई जिससे उसके आत्मदाह करने के लिए आने की पुष्टि होती। उसके पास सिर्फ एक थैला मिला, जिसमें करीब पांच फुट की रस्सी थी। इंस्पेक्टर यह सब वकीलों को नीचा दिखाने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नवाबगंज इंस्पेक्टर और महिला के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई जाए तो सत्यता सामने आ जाएगी। इंस्पेक्टर को नवाबगंज से हटाने की मांग करते हुए कहा, जब तक इंस्पेक्टर पर कार्रवाई नहीं होती, हड़ताल जारी रहेगी। एसएसपी ने वकीलों को कार्रवाई का आश्वासन दिया है। शिष्टमंडल में बार अध्यक्ष रविंद्र पाल सिंह गंगवार, निरंजनदेव गंगवार, कुंवर सेन, भानुप्रताप, संजय सिंह आदि अधिवक्ता शामिल रहे।
इंस्पेक्टर की कार्यशैली और तीन अधिवक्ताओं पर रिपोर्ट दर्ज करने को लेकर शिष्टमंडल एसएसपी से मिला था। पूरा प्रकरण उनके समक्ष रखा गया है। उन्होंने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो जिला और अन्य तहसीलों की बार एसोसिएशन का भी सहयोग लिया जाएगा। - रविंद्र पाल गंगवार, बार अध्यक्ष नवाबगंज
अधिवक्ता किससे मिले हैं, क्या शिकायत की है इसकी जानकारी मुझे नहीं है। जब जानकारी ही नहीं है तो मैं इस संबंध में क्या कह सकता हूं। - सुरेंद्र सिंह पचौरी, कोतवाल नवाबगंज
जिन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है उन्हें कोई शिकायत नहीं है। बार चुनाव की राजनीति में कुछ अन्य लोग मामले को तूल देने में लगे हैं। - डॉ. संसार सिंह, एसपी देहात
इंस्पेक्टर का विवादों से रहा है पुराना नाता
इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह पचौरी का विवादों से पुराना नाता रहा है। शीशगढ़ में तैनाती के दौरान वह पराली जलाने की शिकायत ट्वीटर पर करने वाले युवक को हड़काने के मामले में चर्चा में आए थे। इस मामले का ऑडियो वायरल होने पर उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया था। लाइन हाजिर होने के बाद उन्होंने शीशगढ़ थाने में विदाई समारोह का आयोजन किया था, जिसमें क्षेत्र के तमाम लोगों को इकट्ठा किया था। समारोह में महिलाओं को पांच-पांच सौ के नोट बांटने का मामला भी मीडिया में खूब उछला था। नवाबगंज में उनके खिलाफ थाने के स्टाफ ने बगावत करते हुए मोर्चा खोल दिया था, लेकिन इस मामले में अधिकारियों ने उन्हें अभयदान दे दिया था। अब मुंशी के बेटे की पैरवी में थाने पहुंचे तीन वकीलों पर रिपोर्ट दर्ज करने के मामले में इंस्पेक्टर फिर चर्चा में हैं।
यह है मामला
जनपद पीलीभीत की एक महिला की शादी नवाबगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई है। महिला के ससुर एक वकील के यहां मुंशी हैं। चार अगस्त को महिला ने पति से विवाद के चलते नवाबगंज थाने में शिकायत की थी, इस पर पुलिस उसके पति को पकड़ लाई थी। उसकी पैरवी में वकील थाने पहुंचे तो उनकी एक दरोगा से नोकझोंक हो गई थी। इसके बाद नवाबगंज थाने में तीन वकीलों सहित 10 लोगों के खिलाफ पुलिस ने गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।