बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय व इससे संबद्ध कॉलेजों में एक सितंबर से विद्यार्थियों को नया कानून पढ़ाने के साथ ही अंकपत्र में प्रतिशत के साथ सीजीपीए भी दर्शाया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को विदेशी संस्थान में प्रवेश लेने में परेशानी नहीं होगी।
विधि विभागाध्यक्ष डॉ. अमित सिंह के अनुसार एलएलबी और बीए एलएलबी के तीन प्रश्नपत्रों में बदलाव किया गया है। नए कानूनों को पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने विश्वविद्यालयों को जून में पत्र जारी किया था। रुविवि ने इसे लागू कर दिया है।
विद्यार्थियों को एलएलबी तीसरे और पांचवें सेमेस्टर में नए कानून पढ़ने को मिलेंगे। इन्हें एलएलएम के दूसरे व चौथे सेेमेस्टर में अनुप्रयुक्त रूप से पढ़ाया जाएगा। विद्यार्थियों को बीएएलएलबी के सातवें सेमेस्टर में भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) पढ़ने के लिए मिलेगा। एलएलएम में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) दूसरे सेमेस्टर में और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) व बीएसए चौथे सेमेस्टर में पढ़ाए जाएंगे।
विवि का अंकपत्र देशभर में आसानी से स्वीकार किया जा रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिशत के कारण विद्यार्थियों के इसके अंक सीजीपीए में बदलने पड़ते थे। अब अंकपत्र में प्रतिशत के साथ सीजीपीए भी लिखा होगा। इससे विदेश में प्रवेश लेने में छात्र-छात्राओं को आसानी होगी, क्योंकि क्रेडिट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य है। वहीं, नई शिक्षा नीति के अनुसार एलएलबी को 124 क्रेडिट, बीएएलएलबी को 200 क्रेडिट व एलएलएम को 96 क्रेडिट कर दिया गया है। संवाद