बरेली/सीबीगंज। आईटी पार्क बनाने के लिए कई सालों से बंद पड़ी आईटीआर फैक्टरी की आठ हजार वर्ग मीटर जमीन की रजिस्ट्री आखिरकार हो गई। प्रशासन को छह महीने पहले ही जमीन खरीदने के लिए बजट मिल गया था लेकिन रजिस्ट्री का मसला टलता आ रहा था। अब जल्द निर्माण शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2020 में आईटीआर फैक्टरी की खाली पड़ी जमीन पर आईटी पार्क बनाने की घोषणा करते हुए अधिकारियों को तेजी से तैयारियां पूरी करने को कहा था। इस बीच कोरोना की दूसरी लहर की वजह से जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया अटक गई। मार्च 2021 में शासन ने जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए दस करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया। जुलाई 2021 में यह रकम जिला प्रशासन के खाते में पहुंच गई। फिर भी रजिस्ट्री होने में छह महीने लग गए।
शासन स्तर पर इस बीच सॉफ्टवेयर कंपनियों से बातचीत का सिलसिला शुरू हो चुका है। बताया जा रहा है कि विप्रो, इन्फोसिस, टीसीएस आदि कंपनियों की ओर से यहां प्लांट लगाने की सहमति मिल गई है। बता दें कि पहले चार हेक्टेयर में आईटी पार्क बनाए जाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन बजट के अभाव में इसे कम करते हुए एक हेक्टेयर में बसाने का निर्णय लिया गया। पिछले साल शासन की टीम ने जमीन का मुआयना कर मंजूरी दे दी थी।
जमीन का मुआयना करने पहुंचे
विधायक और सिटी मजिस्ट्रेट
बृहस्पतिवार को शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार, एडवोकेट अनिल कुमार और सिटी मजिस्ट्रेट राजीव पांडेय आईटी पार्क के प्रस्तावित स्थल का मुआयना करने पहुंचे। शहर विधायक ने बताया कि आईटीआर के प्रबंध निदेशक और कमिश्नर आर रमेश कुमार ने बुुधवार को आईटी पार्क के लिए आठ हजार वर्ग मीटर जमीन की रजिस्ट्री प्रदेश के राज्यपाल के नाम कर दी। भुगतान भी कर दिया गया। उन्होंने कहा कि पूर्व कें द्रीय मंत्री सांसद संतोष गंगवार का इसमें खास सहयोग रहा है। बरेली को आईटी पार्क का तोहफा देने पर उन्होंने मुख्यमंत्री का भी आभार जताया।
16 साल से बंद पड़ी है आईटीआर फैक्टरी
करीब 16 साल से बंद इंडियन टर्पेंटाइन एंड रोजिन (आईटीआर) फैक्टरी की काफी जमीन खाली पड़ी है। इसके एक हिस्से में सौ बेड का ईएसआई अस्पताल बनाया जा रहा है। करीब एक हेक्टेयर भूमि पर आईटी पार्क बनेगा। इसके निर्माण की जिम्मेदारी यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीएलसी) कंपनी को दी गई है। बता दें कि मुंबई, बेंगलूरू की फ्लाइट शुरू होने के बाद अब बरेली सीधे आईटी सिटी से जुड़ गया है। बरेली के तमाम विद्यार्थी पढ़ाई पूरी कर इन महानगरों में नौकरी के लिए पहुंचते हैं। अब बरेली समेत महानगरों में भी रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।