कांधरपुर की ओर रोड पर पड़ा डामर, कैंट की तरफ चल रहा निर्माण
बरेली। लालफाटक पर 15 जून से पहले ही सर्विस रोड तैयार कर उस पर रूट डायवर्जन की तैयारी है। उधर, रेलवे ने भी फाटक को शिफ्ट करने की गति तेज कर दी है। हाल में मुरादाबाद के रेल इंजीनियरों ने यहां पहुंचकर चल रहे फाटक शिफ्टिंग के काम को भी देखा था। सर्विस रोड शुरू होने के बाद यहां ट्रैफिक की दिक्कत का काफी हद तक समाधान हो जाएगा।
लालफाटक पर रेलवे और सेतु निगम दोनों को मिलकर ओवरब्रिज काम निर्माण पूरा करना है। पिछले साल सितंबर में रेलवे ने काम शुरू करने के लिए प्रशासन व सेतु निगम से मेन रोड बंद करने की परमीशन मांगी थी। चूंकि चौपुला में भी फ्लाईओवर का काम चल रहा है। इसलिए बदायूं आने-जाने के लिए ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए सेतु निगम ने करीब एक करोड़ 320 मीटर लंबा एप्रोच रोड बनाना शुरू किया। कांधरपुर की ओर तो एक साइड का एप्रोच रोड बन चुकी है। उस पर डामर भी पड़ गया है। इधर कैँट की ओर निर्माण चल रहा है। 15 जून से पहले काम पूरा करने की कोशिश है।
सुस्त पैरवी के चलते नहीं मिली एनओसी
इस ओवरब्रिज के लिए कैंट में जमीन अधिग्रहण की रक्षा मंत्रालय से एनओसी दिलाने की गति तेज हो गई थी। तहसील प्रशासन ने नए सिरे से सर्वे भी किया और संशोधित प्रस्ताव भी मंत्रालय को भेजा जा चुका है लेकिन एनओसी न मिलने से पुल का काम लटका है।
‘लॉकडाउन के बाद एनओसी के लिए फिर से प्रयास शुरू किए गए हैं। जानकारी मिली है कि रक्षा मंत्रालय में इसकी प्रक्रिया भी चल रही है। जल्द ही रिजल्ट सामने आएगा।’ - देवेंद्र सिंह, सीपीएम, सेतु निगम