बरेली। लालफाटक पर अस्थायी रोड बनाने की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) में रेलवे का फंसा पेच निकल गया है। अब रेलवे के अफसर अस्थायी रोड पर दोनों फाटकों को शिफ्ट करने पर आने वाला खर्च उठाने को तैयार हैं। अब सेतु निगम इस प्रोजेक्ट को संशोधित किए बगैर ही शासन को भेज सकेगा।
रेलवे ओवरब्रिज बनाने के लिए लालफाटक पर ट्रैफिक बंद करना चाहता है। यहां ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए सेतु निगम, रेलवे और पीडब्ल्यूडी को संयुक्त प्रयास करके क्रॉसिंग के पास ही करीब 320 मीटर लंबी अस्थायी रोड बनानी है। सेतु निगम ने इस सड़क के लिए 1.22 करोड़ की डीपीआर तैयार की थी। पीडब्ल्यूडी के माध्यम से इसका प्रस्ताव भी शासन को भेजने की तैयारी थी। इस बीच रेलवे के अफसरों ने यह अड़ंगा लगा दिया कि अस्थायी रोड पर रेलवे के दोनों फाटकों को भी शिफ्ट किया जाना है, जबकि डीपीआर में इसका खर्च शामिल होने से रह गया है। मुश्किल यह थी कि संशोधित डीपीआर को मंजूरी मिलने में काफी वक्त लगता, जिसके चलते प्रोजेक्ट में भी देरी होती। इन सब कारणों को देखते हुए रेलवे के अधिकारियों ने फैसला लिया कि फाटक शिफ्टिंग का खर्च अपने ओवरब्रिज में ही शामिल करेंगे। रेलवे के अफसरों का कहना है कि इस काम में 12 से 15 लाख का ही अतिरिक्त खर्च आएगा। यहां बता दें कि लाल फाटक ओवरब्रिज का प्रोजेक्ट 26 करोड़ रुपये का है।
अस्थायी रोड न बन पाने से घिसट रहा काम
लालफाटक पर ट्रैफिक बंद हो गया तो बदायूं रोड के यातायात का डायवर्जन चौपुला की तरफ हो जाएगा, जिसे देखते हुए ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने चौपुला पर फ्लाईओवर के काम को रुकवा दिया है। लालफाटक पर अस्थायी रोड न बन पाने से चौपुला फ्लाईओवर का निर्माण घिसट रहा है।