बरेली। कैंट एरिया में जमीन की एनओसी न मिलने से लालफाटक ओवरब्रिज प्रोजेक्ट फंस सकता है। सेतु निगम के अधिकारी भी लखनऊ मुख्यालय को इस संबंध में अवगत करा चुके हैं कि अगर दो से तीन महीने में इस जमीन का मुद्दा हल न हुआ तो इस परियोजना को बीच में ही रोकना पड़ेगा। हालांकि इस जमीन की एनओसी को लेकर जिला प्रशासन की तरफ से भी करीब छह माह पहल्रे स्ताव शासन को भेजा चुका है, लेकिन शासन स्तर पर इसकी पैरवी रक्षा मंत्रालय में नहीं हो पा रही है। इस दिक्कत को देखते हुए सेतु निगम के अधिकारियों ने जमीन अधिग्रहण की फाइल केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार को सौंपते हुए एनओसी जल्द दिलाने का आग्रह किया है।
ओवरब्रिज बनाने के लिए सेतु निगम को कैंट एरिया में करीब 6500 वर्गमीटर जमीन की जरूरत है। इसकी एनओसी रक्षा मंत्रालय से मिलनी है। सेतु निगम ने जिला प्रशासन के माध्यम से इसका प्रस्ताव करीब छह माह पहले शासन को भेजा था, लेकिन यह प्रस्ताव वहीं डंप हो गया। उधर, कुछ समय पहले ही सेतु निगम के सीपीएम देवेंद्र सिंह ने अपने एमडी को यह चिट्ठी भेजी थी कि कैंट की जमीन की एनओसी अगर जल्द नहीं मिली तो मजबूरी में इस प्रोजेक्ट को बीच में ही रोकना पड़ेगा। यह मामला पूर्व में केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के सामने भी उठ चुका है। सेतु निगम के अधिकारियों ने एक बार फिर इस मामले में तेजी दिखाते हुए केंद्रीय मंत्री संतोष कुमार गंगवार के आवास पर पहुंचकर उनके प्रतिनिधि को फाइल सौंपी है, जिसमें केंद्रीय मंत्री से यह आग्रह किया गया है कि वह रक्षा मंत्रालय में सीधे बात करें तो इस समस्या का समाधान जल्द हो सकता है।
पीडब्ल्यूडी की जमीन पर इस ओवरब्रिज का काम काफी हद तक पूरा हो चुका है। अब कैंट क्षेत्र में जमीन के लिए एनओसी जल्द मिलेगी, तभी काम चलेगा। इसके लिए मुख्यालय को अवगत कराया जा चुका है। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार को भी फाइल देकर उनसे रक्षा मंत्रालय में पैरवी करने का आग्रह किया गया है।
-देवेंद्र सिंह, सीपीएम, सेतु निगम