बरेली। रेलवे, सेतु निगम व पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने लाल फाटक के दोनों रेल फाटकों को ट्रांसफर करने के लिए स्थानों का चिह्नीकरण कर लिया है। अब इसके प्रस्ताव और बजट पर बैठक होनी है। बीच में करीब तीन सौ मीटर का रोड बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके बाद मेन फाटक को बंद कर दिया जाएगा।
पिछले सप्ताह सर्किट हाउस में हुई समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के सामने अफसरों ने लाल फाटक ओवरब्रिज निर्माण में तेजी और रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज बनाने से पहले सर्विस लेन बनाने पर जोर दिया गया था। यह काम 30 सितंबर तक पूरा किया जाना है। दोनों क्रासिंग अलग-अलग दिशाओं में खिसकाने के लिए प्रस्तावित नक्शा बनाने का काम लोक निर्माण विभाग को दिया गया। अब नक्शा तैयार हो गया है, इसलिए वैकल्पिक मार्ग यानी सर्विस लेन बनाने के लिए संबंधित विभाग जुुट गए हैं।
रेलवे समेत अन्य विभागों के संयुक्त सर्वे के बाद स्थानों का चिह्निकरण कार्य भी पूरा हो गया है। रेलवे सूत्रों ने बताया कि एक रेलवे क्रॉसिंग का फाटक लखनऊ दिशा में तो दूसरा क्रॉसिंग का फाटक चंदौसी दिशा में करीब 20 से 25 मीटर तक खिसकेगा। करीब तीन सौ मीटर सड़क निर्माण करना पड़ेगा। रेलवे, पीडब्लूडी और सेतु निगम मिलकर वैकल्पिक मार्गों के निर्माण पर आने वाले व्यय का बजट पास कराएंगे। इसकी जल्द बैठक होना है। बताया जाता है कि दो क्रासिंग खिसकने पर करीब ढाई करोड़ रुपये खर्चा आ सकता है। क्रासिंग शिफ्ट होने के बाद ही लाल फाटक मार्ग पर यातायात बंद किया जाएगा।
दोनों क्रॉसिंग शिफ्ट करने के लिए सर्वे के बाद नक्शा आदि तैयार कर लिया गया है। प्रस्ताव व बजट के संबंध में संयुक्त बैठक के बाद ही कोई नतीजा निकल सकता है। - वीके सेन, डीपीएम सेतु निगम
अभी बदायूं रोड पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त है। लाल फाटक पर नए क्रॉसिंग बनने के बाद ही पुराने को बंद किया जाएगा तो दिक्कत नहीं आएगी। - एससी गंगवार, एसपी ट्रैफिक
एक एप्रोच रोड बंद करके किया काम
बरेली। लाल फाटक पर सेतु निगम तेजी से अपना काम पूरा कर रहा है। इस सिलसिले में रविवार देर शाम तक एप्रोच रोड का कुछ हिस्सा बंद करके जेसीबी के जरिये गाडर इधर से उधर रखने का काम किया गया, जिससे यातायात व्यवस्था में कुछ दिक्कत आई। कांधरपुर के पास बदायूं से शहर की ओर आने वाली साइड में यह काम हुआ। एप्रोच रोड का करीब बीस मीटर हिस्सा यातायात के लिए बंद किया गया तो पिलर के बीच में होकर वाहन दूसरी साइड में बाईपास कर दिए गए। इससे आंशिक तौर पर जाम की समस्या रही। निर्माण एजेंसी के लोगों ने बताया कि समय-समय पर इस तरह रोड ब्लॉक करना पड़ता है। हालांकि ये अस्थाई व्यवस्था है।