बरेली। लालफाटक पर रेलवे के ओवरब्रिज के निर्माण के दौरान मौजूदा क्रॉसिंग को बंद किया जाना है। इसलिए जिला प्रशासन अस्थायी रोड को जल्द बनाने की कोशिश में जुटा हुआ है। बुधवार को सेतु निगम के अफसरों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम सिटी महेंद्र कुमार सिंह को प्रस्तावित नक्शा दिखाया है। एडीएम ने थोड़ी-बहुत खामी को दुरुस्त करने के साथ नक्शे को ‘ओके’ बता दिया है। सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह स्थायी सड़क करीब 150 मीटर लंबी और करीब चार से पांच मीटर चौड़ी होगी। मौजूद क्रॉसिंग से इसकी दूरी लगभग 37 मीटर आंकी गई है। एडीएम सिटी ने सेतु निगम के अधिकारियोें को अस्थायी रोड बनाने के लिए सरकारी और गैरसरकारी भूमि के गाटा नंबर मांगे हैं। अभी यह तय नहीं है कि यह रोड पीडब्ल्यूडी बनाएगा या कोई दूसरी सरकारी संस्था।
लालफाटक क्रॉसिंग पर रेलवे ने ओवरब्रिज के अपने हिस्से का निर्माण शुरू करने के लिए पुलिस और प्रशासन को बदायूं रोड पर पहली सितंबर से ट्रैफिक बंद करने को लिखा था। चूंकि लालफाटक पर रोड ट्रैफिक के लिए इससे पहले वैकल्पिक रास्ता नहीं तलाश किया गया था और यह रोड बंद होने की स्थिति में एकमात्र चौपुला रोड से ही बदायूं की ओर ट्रैफिक निकाला जा सकता था जहां पहले से ओवरब्रिज का निर्माण चल रहा है, लिहाजा ट्रैफिक जाम की भारी समस्या पैदा हो जाती है। शहर को इस बड़ी समस्या से डेढ़ से दो साल तक न जूझना पड़े, इसे लेकर केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार और कमिश्नर रणवीर प्रसाद के साथ अफसरों की बैठक के बाद सरकारी मशीनरी लालफाटक पर अस्थायी रोड बनाने में जुटी है। बुधवार को कलक्ट्रेट पहुंचने सेतु निगम के डीपीएम वीके सेन ने एडीएम सिटी महेंद्र कुमार को प्रस्तावित नक्शा दिखाया है। उन्होंने बताया कि पहली सर्विस लेन लखनऊ दिशा वाली यानी कैंट छोर की रेलवे लाइन पर बायीं तरफ और दूसरी आंवला-चंदौसी लाइन पर दाहिनी तरफ बनाई जाएगी। दोनों फाटकों की सर्विस लेन बदायूं मार्ग पर ब्रिज छोर पर मिलेंगी। एडीएम सिटी ने नक्शे में कुछ बदलाव का सुझाव दिया देते हुए उसे दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सेतु निगम के अफसरों से कहा कि ये रिकार्ड भी जल्द दें कि जहां पर अस्थायी रोड बननी है, उसमें कितना हिस्सा रेलवे और पीडब्ल्यूडी का है और कितनी निजी भूमि हैं। इन सब का गाटा संख्या उपलब्ध कराया जाए।