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कैसे एक झटके में धड़ से अलग हुई गर्दन?: बस से टकराए और दूर जाकर गिरा सिर; यहां छूट गया भाई और पति का प्यार

Sat, 29 Aug 2026 12:19 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी

सार

रक्षाबंधन के त्योहार पर दो परिवारों में खुशियों की जगह मातम का माहौल है। शुक्रवार को लखीमपुर-शारदानगर मार्ग पर बाइक सवार जीजा-साले की सड़क हादसे में मौत का मंजर हर किसी को झकझोर गया। हादसे में जीजा का सिर धड़ से अलग हो गया।
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Lakhimpur kheri road accident - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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लखीमपुर खीरी के महेवागंज में राखी बंधवाने के बाद पतरासी कस्बे से खरीददारी कर लौटते बेल खुर्द गांव के रमेश चंद्र (32) और उनके साले सियाराम (25) की बस की टक्कर से मौत हो गई। बस के अगले हिस्से से सियाराम की गर्दन कटकर अलग हो गई और दूर जा गिरी।
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नीमगांव के सियाराम शारदानगर क्षेत्र के बेल खुर्द गांव में अपनी इकलौती बहन निर्मला से राखी बंधवाने आए थे। निर्मला के पति रमेश शुक्रवार दोपहर सियाराम को साथ लेकर करीब पांच किमी दूर पतरासी कस्बे में खरीदारी करने गए। खासतौर से उन्हें त्योहार पर घर आए अन्य मेहमानों के लिए भी सब्जी के लिए मीट लेकर आना था। 

कुछ और भी सामान खरीदने के बाद रमेश बाइक चलाते हुए घर लौटने लगे। रमेश करीब दो बजे मुल्ला क्रशर के पास पहुंचे तो अचानक सामने से लखीमपुर से ढखेरवा जाती एक निजी बस आ गई। टक्कर लगने से दोनों गिर गए। इस दौरान पीछे बैठे सियाराम की गर्दन बस के बंपर के पास किसी नुकीले हिस्से से टकराई और कटकर अलग हो गई। 

दोनों क्षत-विक्षत हालत में दूर तक छिटक गए। रमेश की भी मौके पर मौत हो गई। चालक बस छोड़कर भाग निकला। पुलिस ने बस कब्जे में लेकर दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। सीओ सिटी विवेक तिवारी ने बताया कि बाइक सवार दोनों लोगों में से किसी ने हेलमेट नहीं लगाया था। बस चालक को ढूंढने के प्रयास किए जा रहे हैं।

छूटा भाई और पति का प्यार, बाकी रह गई आंसुओं की धार और चीत्कार
रक्षाबंधन के त्योहार पर दो परिवारों में खुशियों की जगह मातम का माहौल है। शुक्रवार को लखीमपुर-शारदानगर मार्ग पर बाइक सवार जीजा-साले की सड़क हादसे में मौत का मंजर हर किसी को झकझोर गया। एक ओर भाई की कलाई पर बंधी राखी को देखकर बहन रो-रोकर बदहवास हो रही थी तो दूसरी ओर पति का सिर विहीन शव देखकर बार-बार होश खो देती थी। हादसा इतना वीभत्स कि जिसकी नजर पड़ी, उसकी रूह कांप उठी।

 

बेलखुर्द गांव निवासी रमेश के परिजनों के मुताबिक नीमगांव निवासी सियाराम बृहस्पतिवार को अपनी इकलौती बहन निर्मला देवी से राखी बंधवाने आया था। शुक्रवार को सुबह बहन से राखी बंधवाई और बहनोई के साथ बाइक से बाजार चला गया। रोते हुए रमेश की पत्नी निर्मला देवी ने बताया कि पति जाते समय हंसते हुए सामान लाने की बात कहकर गए थे। किसी को क्या पता था कि वे आखिरी बार घर से बाहर जा रहे हैं।

 

मृतक रमेशचंद तीन भाईयों में मंझला था। चार बहने हैं। सभी की शादी हो चुकी है। दो बहनें सुबह घर आ चुकी थीं। उनसे राखी बंधवाने के बाद रमेश अपने साले सियाराम के साथ पतरासी चले गए थे। मृतक रमेश के तीन बच्चों में बड़ी लड़की लक्ष्मी (10) है। 
 

हादसे में पिता रमेश का सिर धड़ से अलग दूर पड़ा देख लक्ष्मी बेसुध हो गई। परिजन ने उसे संभाला। पत्नी और बेटी का रो-रो कर बुरा हाल है। मृतक सियाराम भी तीन भाई और एक बहन है। सड़क हादसे में दोनों की मौत से इलाके के लोग भी सहम गए हैं।

 
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पुलिस ने बस कब्जे में लेकर दोनों शव पोस्टमाॅर्टम के लिए भेज दिए। सीओ सिटी विवेक तिवारी ने बताया कि बाइक सवारों ने हेलमेट नहीं लगाया था। बस चालक के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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