Lailor lake of Ramnagar will now be known in the world
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
आंवला के रामनगर स्थित महाभारत की कथा से जुड़ी लीलौर झील का इतिहास अब किताबों के पन्नों से रुपहले परदे पर दिखाए जाने की तैयारी है। इसका बीड़ा ग्रीन पेपर्स इंटरटेनमेंट प्रोडक्शन मुंबई के माध्यम से दादा साहब फाल्के पुरस्कार प्राप्त आशा तलवार ने उठाया है। इसमें बरेली इंटरनेशनल थियेटर के माध्यम से जेसी पालीवाल का सहयोग रहेगा। इस फिल्म का निर्देशन अभि संधु दे रहे हैं।
इसकी घोषणा शुक्रवार को यहां प्रेस क्लब में इन तीनों हस्तियों ने प्रेसवार्ता में की। निर्माता आशा तलवार और निर्देशक अभि संधु यहां अपनी चार सदस्यीय टीम के साथ यहां आए हुए हैं। इसमें उनके साथ प्रोडक्शन हेड आमीन दागिया व कास्टिंग डायरेक्टर राज आर्या भी हैं। उन्होंने बताया कि वो जल्द ही ‘दी लीजेंड ऑफ लीलौर’ टाइटल से इस फिल्म का निर्माण शुरु करने जा रहे हैं। इसके लिए कहानी फाईनल हो चुकी है। शनिवार को रामनगर आंवला जा कर मौके पर साइट देखेंगे। उसके बाद कास्ट फाइनल करेंगे। प्रयास रहेगा कि इसमें अधिक से अधिक से स्थानीय प्रतिभाओं को मौका दिया जाए।
निर्देशक अभि संधु ने बताया कि यह पूरी फिल्म हिस्टोरिक प्रोजक्ट है। जो वर्तमान से जुड़ी प्रौराण की अदृश्य कड़ी है। इसकी कहानी और गीत बरेली के अनवर हुसैन जैदी ने लिखा है। कॉनसेप्ट जेसी पालीवाल का है। फिल्म को इंग्लिश टाइटिल इस लिए दिया है कि भविष्य में इसकों अंग्रेजी में डब करके सारी दुनियां के लिए रिलीज किया जा सके। इससे पहले जेसी पालीवाल ने लीलौर का इतिहास बताया। इस दौरान वरिष्ठ रंगकर्मी, बीएस सक्सेना, प्रसिद्ध गजल गायक खुर्शीद अली खां, सुनील धवन, डा. सय्यद सिराज अली आदि मौजूद रहे।